चंडीगढ़ : राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने आज शून्यकाल के दौरान भारतीय रेल की खानपान व्यवस्था में प्रतिदिन बचने वाले अतिरिक्त एवं उपभोग योग्य भोजन के सुरक्षित उपयोग का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल प्रतिदिन लाखों यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराती है। अनुमानित मांग के आधार पर भोजन तैयार होने के कारण कई बार निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने के बावजूद पर्याप्त मात्रा में भोजन बच जाता है, जो अंततः कूड़ेदान में चला जाता है। उन्होंने कहा कि यदि खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए तो इस अतिरिक्त भोजन को रेलवे स्टेशनों पर कार्यरत कुलियों, सफाई कर्मचारियों, दिहाड़ी मजदूरों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों तक एक सुव्यवस्थित व्यवस्था के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है।
शर्मा ने सरकार से आग्रह किया कि भारतीय रेल में बचने वाले अतिरिक्त भोजन के संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण एवं वितरण के लिए एक प्रभावी तंत्र अथवा पायलट परियोजना प्रारंभ करने की संभावना पर विचार किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस कार्य में मान्यता प्राप्त फूड बैंक, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल खाद्य अपव्यय को कम करेगी, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद लोगों के कल्याण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।