जीरकपुर(आर्यन कालिया) : वक्फ बोर्ड संशोधन बिल 2024 के खिलाफ देशभर के मुस्लिम समुदाय के लोग अलग-अलग मुस्लिम तंजीमों के द्वारा जारी क्यूआर कोड के जरिए अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इस बिल के सपोर्ट में हिन्दू संगठनों ने सपोर्ट करते हुए क्यू आर कोड जारी कर दिया है जो की अभी पुरे देश के हिन्दू समुदाय तक नहीं पहुँच पाया है। इसी मुद्दे पर आज चर्चा करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता संजीव खन्ना ने कहा की इस बिल के समर्थन मे देश भर मे चल रहा क्यू.आर कोड अभियान अब जीरकपुर मे भी चलाया जायेगा और सभी को जागरूक किया जायेगा। उन्होंने कहा की वक्फ संशोधन अधिनियम के मामले में गोधरा के गणेश पंडालो में लगे बेनर फिलहाल काफी चर्चा में है, क्यूआर कोड स्कैन करके वक्फ संशोधन बिल के समर्थन मे हिन्दू संगठनों ने भी मुहिम शुरू कर दी है और देश भर मे कई हिन्दू संगठन इस बिल के समर्थन मे क्यू आर कोड के बैनर लगाकर उसे स्कैन करवा कर लोगों से जॉइंट पार्लिमेंट्री कमिटी को भारी मात्रा में मेल करवा रहे है। दूसरी तरफ मुस्लिम संघठनों का कहना है की अगर भारत के 50 लाख मुसलमानो ने भी क्यू.आर कोड से मेल कर के अपनी आपत्तियां इस कमिटी को भेज दी तो ये बिल रद्द हो जायेगा। लेकिन जब तक हिन्दू समाज इस देश मे जागरूक है तब तक ऐसा नहीं होने देगा और इस बिल को पास करवा कर मानेगा। संजीव खन्ना ने कहा की यह वक्फ बोर्ड काफ़ी लम्बे समय से देश के आम लोगो की सम्पतियों को हड़प रहा है और अभी तक यह लोग पुरे देश मे मौजूद किसी भी ज़मीन पर अपना दावा कर सकते थे और उसे अपना बता सकते थे जिसपर की कोई भी सवाल नहीं उठा सकता था लेकिन अब इस बिल के पास होने के बाद ऐसा नहीं होगा। रेलवे और रक्षा विभाग के बाद वक्फ बोर्ड कथित तौर पर भारत में तीसरा सबसे बड़ा भूमि धारक है। वक्फ बोर्ड भारत भर में 9.4 लाख एकड़ में फैली 8.7 लाख संपत्तियों को नियंत्रित करते हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये है। वक्फ अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते हुए कई बार दूसरों की संपत्ति पर भी अपना दावा जता देता है जोकि लोकतंत्र व सविधान के खिलाफ और आम लोगो के मौलिक अधिकारों का खनन है। भाजपा के नेता हरनाथ सिंह ने भी इसपर आरोप लगाया था कि तमिलनाडु में वहां के स्टेट वक्फ बोर्ड ने तिरुचिरापल्ल जिले के एक पूरे गांव पर ही मालिकाना हक जता दिया था और महाराष्ट्र के सोलापुर में भी कुछ ऐसा केस सामने आ चूका है। उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर संपत्तियों पर दावा जताया था, जिसके बाद योगी सरकार ने आदेश जारी किये थे के वक्फ की सारी संपत्ति की जांच होंगी, यह बात साल 2022 की है लेकिन सर्वे के नतीजे सामने नहीं आ सके। अब ये दुबारा चर्चा मे आ चूका है और इस बार इस पर फैसला जरूर होगा। संजीव खन्ना ने कहा की मे सभी लोगो से यह अपील करता हु की इस बिल के समर्थन मे अपनी आवाज उठाये और ज्यादा से ज्यादा लोगो को इसके बारे मे जागरूक करें।