चंडीगढ़ : हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के अध्यक्षीय कार्यकाल का एक वर्ष 29 सितंबर को पूरा हो गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 29 सितंबर 2025 को राव नरेंद्र सिंह को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। पार्टी की ओर से जारी एक साल के कार्यकाल के आकलन में संगठन को जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रदेशव्यापी गतिविधियों को प्रमुखता दिए जाने का उल्लेख किया गया है।
ब्लॉक और बूथ स्तर पर संगठन विस्तार पर जोर
पिछले एक वर्ष के दौरान हरियाणा कांग्रेस ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ब्लॉक स्तर पर नियुक्तियों को आगे बढ़ाया। जून 2026 में पार्टी ने 104 ब्लॉक अध्यक्षों की पहली सूची जारी की थी। यह नियुक्तियां करीब 12 साल बाद की गई थीं। बाद में संगठनात्मक विस्तार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
पार्टी के अनुसार, संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, जिला एवं ब्लॉक इकाइयों को जिम्मेदारियां देने और कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद पर विशेष ध्यान दिया गया। हालिया बैठकों में भी प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर जोर दिया है।
पार्टी द्वारा साझा किए गए एक साल के रिपोर्ट कार्ड में 151 ब्लॉक अध्यक्षों, 33 जिला अध्यक्षों तथा 20,864 बूथों में 19,280 BLA-2 और 90 BLA-1 को जिम्मेदारी दिए जाने का दावा किया गया है।
400 से अधिक प्रदर्शनों का दावा
कांग्रेस के अनुसार, राव नरेंद्र सिंह के कार्यकाल में संगठनात्मक गतिविधियों के साथ किसानों, युवाओं, मजदूरों, कर्मचारियों, छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में धरने, प्रदर्शन, घेराव और सत्याग्रह आयोजित किए गए।
पार्टी के रिपोर्ट कार्ड में इस अवधि में 400 से अधिक प्रदर्शनों का दावा किया गया है। इनमें महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, NEET, मनरेगा, HKRN, बुजुर्ग पेंशन, रोजगार और मतदाता अधिकार जैसे मुद्दे शामिल रहे।
सितंबर में हरियाणा कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर भी प्रदेश में प्रदर्शन किए। 26 सितंबर को चंडीगढ़ में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व राव नरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था।
कार्यकर्ताओं से संवाद पर जोर
पार्टी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली में कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद और संगठनात्मक बैठकों को विशेष महत्व दिया गया। जिला एवं ब्लॉक स्तर के सम्मेलनों के जरिए वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई।
हालांकि, ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर पार्टी के भीतर कुछ जिलाध्यक्षों की नाराजगी भी सामने आई थी। अगस्त 2026 में कुछ जिलाध्यक्षों ने नियुक्तियों में उनकी सलाह की अनदेखी का आरोप लगाया था और मामले की समीक्षा की बात सामने आई थी।
अगले चरण में बूथ स्तर पर सक्रियता का रोडमैप
सितंबर में राव नरेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर हरियाणा संगठन की गतिविधियों और आगामी तीन महीने की कार्ययोजना की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, आगे बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को लगातार मैदान में रखने और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर कार्यक्रम जारी रखने पर जोर दिया गया है।
पार्टी के प्रस्तावित रोडमैप में मंडल और बूथ स्तर पर संगठन का विस्तार, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर जवाबदेही, फ्रंटल संगठनों को मजबूत करना, सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाना, डिजिटल वॉलंटियर्स का प्रशिक्षण और सार्वजनिक मुद्दों से जुड़े डिजिटल डैशबोर्ड का निर्माण जैसे बिंदु शामिल बताए गए हैं।
राव नरेंद्र सिंह के कार्यकाल का पहला वर्ष जहां संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित रहा, वहीं अगले चरण में पार्टी बूथ स्तर की सक्रियता और जनसरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।