हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की बधाई देते हुए कहा कि युवा केवल एक उम्र नहीं, बल्कि ऊर्जा, सामर्थ्य और संभावनाओं का अथाह सागर हैं। युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत हैं जो विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एचआईवी-एड्स जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह अभियान आगामी 12 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलेगा। उन्होंने देश के 15 सुरक्षित जिलों की सूची में शामिल हरियाणा के कुरुक्षेत्र व कैथल जिलों को सम्मानित करते हुए कहा कि एचआईवी के खिलाफ लड़ाई केवल विरोध से नहीं, बल्कि सही जानकारी, जागरूकता, अपनापन और संवेदनशीलता के माध्यम से जीती जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआईवी के साथ जीवन जी रहे व्यक्ति से दूरी बनाना अज्ञानता है। हमें बीमारी से लड़ना है, बीमार व्यक्ति से नहीं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि चुप्पी, कलंक और शर्म की तीन दीवारों को हमें मिलकर गिराना होगा। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 10 अन्य लोगों तक एचआईवी से बचाव और उपचार से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाए।
स्वस्थ युवा ही अपने सपनों को दे सकता है उड़ान
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की आकांक्षाएं चाहे कितनी भी बड़ी हों, उन्हें पूरा करने के लिए स्वस्थ और सक्षम शरीर आवश्यक है। अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर शिक्षा, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य की आकांक्षा रखने वाले युवाओं को सबसे पहले अपना शरीर स्वस्थ रखना होगा। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जिस हाथ में हुनर होना चाहिए, उसमें नशे की सुई नहीं होनी चाहिए और जिन आंखों में जीवन की चमक होनी चाहिए, उनमें नशे का अंधेरा नहीं होना चाहिए। स्वस्थ शरीर और अनुशासित चरित्र ही मजबूत भविष्य की नींव हैं।
गांव का युवा भी शहर के युवाओं की तरह आधुनिक कौशल सीखे
नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का युवा तेज गति से आगे बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दुनिया तेजी से बदल रही है। हरियाणा को इस बदलाव में सबसे आगे रहना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गांव का युवा भी शहर के युवा की तरह आधुनिक तकनीक और कौशल सीख सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आईटीआई संस्थाओं को करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत किया जा रहा है। उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच एमओयू साइन करके मजबूत साझेदारी स्थापित की जा रही है, ताकि युवाओं को वही कौशल मिले जिसकी उद्योगों को वास्तविक आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल प्रमाण-पत्र देना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रशिक्षित युवा के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
नौकरी मांगने से नौकरी देने वाले बनने की ओर बढ़ें युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में युवाओं की सोच में बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार पैदा करने के अवसरों की खोज करें। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में बिना खर्ची-बिना पर्ची दो लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कार्यरत युवाओं के भविष्य को कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को बिचौलियों की ठगी से बचाने के लिए सरकार द्वारा कानून बनाया गया है और हरियाणा विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की गई है। विदेशों से प्राप्त रोजगार के अवसरों के लिए युवाओं का यहीं साक्षात्कार लेकर उन्हें सुरक्षित एवं वैध माध्यम से विदेश भेजा जा रहा है और इसके लिए युवाओं से कोई पैसा नहीं लिया जाता।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर श्यामलाल बंसल, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, युवा एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।