पंचकूला : हार्ट ऑफ़ पंचकूला के नाम से प्रसिद्ध पंचकूला सेक्टर 5 का यवनिका पार्क इन दिनों विभागीय अधिकारियों की अनदेखी का शिकार हो रहा है, इसका खामियाजा पार्क को अपनी सुंदरता खोकर चुकाना पड़ रहा है । पार्क की वैभवता का श्रेय लेने के लिए तो हुड्डा सबसे आगे नजर आता है, परंतु जब इसके रख रखाव , इसे सही मेंटेन करने की बात सामने आती है तो कभी इसे एमसी के अंतर्गत बता दिया जाता है तो कभी हॉर्टिकल्चर के अंतर्गत, अधिकारियों की आपसी खींचातानी का परिणाम हो रहा कि, आज इस पार्क की गरिमा दाव पर लगी है, पार्क में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, इधर उधर शराब की खाली बोतले लुढ़की पड़ी हुई है, पार्क के चारों तरफ दुर्गंध ही दुर्गंध का माहौल बना हुआ है, इतना ही नहीं यह पार्क इन दिनों शराबियों एवं जुवारियों का अड्डा बन गया है। पार्क की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजसेवी डॉक्टर सुरेंद्र सिंगला ने कहा शहर का इतना खूबसूरत पार्क आज कबाड़ के ढेर में तबदिल होता जा रहा है ।
इस पार्क की शोभा बढ़ने वाले पानी के फ़ुवरे भी काफी लंबे अर्से से बंद पड़े हैं। उन्होंने हैरानगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस पार्क में आम आदमी से लेकर बड़े-बड़े व्यापारी, उद्योगपति एवं ऑफिसर्स घूमने के लिए आते हैं इसके बावजूद इसकी इतनी दुर्दशा है, पार्क की सफाई व्यवस्था एवं रखरखाव के बारे में कोई आवाज तक नहीं उठते । सब की सेवा ,रब की सेवा के पदाधिकारी,(राष्ट्रीय कवि संगम के उत्तर प्रभारी) डॉक्टर सुरेंद्र सिंगला, संजय जैन,सुनील सिंगला,विनीत जैन, तरसेम सैनी, सोनू ,दिनेश गुप्ता,अनिल , मनमोहन,नरेश शर्मा राकेश बिहारी गुप्ता,शिव कुमार अग्रवाल, राजेश बंसल दीपक बंसल ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह शहर का कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि इतने अच्छे पार्क को, विभागीय अफसर एवं कर्मचारियों ने लापरवाही के चलते, आज इसे कूड़े के ढेर में तब्दील कर दिया है, इतना ही नहीं इस पर के शौचालय की दशा तो और भी दयनीय है, हद तो तब हो गई जब पीने के पानी के नालों में टूटियां तक नहीं हैं, डॉ. सुरेंद्र सिंगला ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पार्क की इस कदर ही दुर्दशा होती रही तो वह दिन दूर नहीं, जब यह पार्क एक डंपिंग ग्राउंड में तब्दील हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि यदि प्रशासन के बस में इस पार्क की व्यवस्था बनाए रखना बस की बात नहीं है तो इसकी कमान सब की सेवा रब की सेवा को सौंप दे। शहर के नागरिक होने के नाते वह इस पार्क की, इस कदर दुर्दशा होते नहीं देख सकते।