केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आर्थिक मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में BRICS Finance Track के प्रमुख परिणामों की समीक्षा की गई और 9-10 सितंबर को मुंबई में होने वाली अंतिम BRICS Finance Ministers and Central Bank Governors Meeting की तैयारियों पर चर्चा हुई।
यह बैठक BRICS Leaders’ Summit से पहले आयोजित की जा रही है।
‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ पर फोकस
वित्त मंत्रालय के अनुसार, पिछले महीने जयपुर में मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की सफल बैठक के बाद अब मुंबई में होने वाली बैठक की तैयारियां चल रही हैं।
मुंबई बैठक के लिए Finance Track में महिलाओं की एक मजबूत टीम नेतृत्व, विशेषज्ञता और अनुभव के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस पूरे प्रयास की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।
BRICS Finance Ministers और Central Bank Governors की बैठक पिछले महीने भारत की अध्यक्षता में जयपुर में हुई थी।
निजी निवेश बढ़ाने में मल्टीलेटरल डेवलपमेंट बैंकों की भूमिका अहम
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि BRICS देश वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि के प्रमुख इंजन हैं, लेकिन बड़े स्तर पर निजी पूंजी जुटाने में इन देशों को कई समान संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने Multilateral Development Banks (MDBs) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, ये संस्थान निवेश के जोखिम को कम करने, परियोजनाओं को निवेश योग्य बनाने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भविष्य की विकास वित्त व्यवस्था साझेदारी पर आधारित होगी। इसमें बहुपक्षीय संस्थान, राष्ट्रीय सरकारें और निजी क्षेत्र अपनी-अपनी क्षमताओं के साथ योगदान देंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकारी निवेश बढ़ा
भारत के अनुभव का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार सार्वजनिक पूंजीगत खर्च और जरूरी संरचनात्मक सुधारों के जरिए देश के इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि एक दशक पहले की तुलना में सार्वजनिक निवेश में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसका उद्देश्य हाईवे, रेलवे, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स सिस्टम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा नेटवर्क जैसी उत्पादक राष्ट्रीय संपत्तियां तैयार करना है।
निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का मानना है कि Public Capital को निजी निवेश के विकल्प के बजाय उसके लिए Catalyst की भूमिका निभानी चाहिए।
इसी सोच के तहत सरकार ने कई सुधार किए हैं। इनमें वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण लेकिन सामाजिक रूप से जरूरी परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए Viability Gap Funding (VGF) शामिल है।
इसके अलावा सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में जोखिम को संतुलित तरीके से साझा करने के लिए Hybrid Annuity Model (HAM) और परियोजनाओं को निवेश योग्य बनाने के लिए Credit Enhancement Mechanisms को बढ़ावा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि Infrastructure Investment Trusts (InvITs) की स्थापना से पूंजी को दोबारा निवेश के लिए उपलब्ध कराने और लंबे समय के संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिली है।