भारत आने वाले समय में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना रहेगा और इसके विकास में कृषि और टेक्नोलॉजी क्षेत्र अहम भूमिका निभाएंगे। यह बयान एक्सपर्ट्स की ओर से मंगलवार को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 'एनुअल न्यू चैंपियंस मीटिंग' या 'समर दावोस' में दिया गया।
आईएएनएस के साथ बातचीत में, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मैनेजिंग डायरेक्टर मिरेक डुसेक ने भारत के आर्थिक विकास अनुमानों की संभावनाओं पर भरोसा जताया और देश को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया।
डुसेक ने कहा, "भारत वैश्विक विकास दर में अहम योगदान दे रहा है और हमें उम्मीद है कि आने वाले सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती रहेगी।"
उन्होंने कहा कि समर दावोस बैठक ने दुनिया भर के इनोवेटर्स, टेक्नोलॉजी लीडर्स, नीति निर्मताओं और बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स को एक साथ लाया है, ताकि सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके और वैश्विक चुनौतियों का समाधान ढूंढा जा सके।
इसके अलावा, डुसेक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी उभरती हुई टेक्नोलॉजी में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक विकास को सहारा देने की क्षमता है।
इसके अलावा, आईएएनएस से बातचीत में पद्म श्री से सम्मानित और ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में मृदा विज्ञान के प्रतिष्ठित प्रोफेसर, प्रो. रतन लाल ने कहा, "भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और इस विकास में कृषि की अहम भूमिका होगी।"
इसके अलावा, उन्होंने खेती की पैदावार बढ़ाने के लिए मिट्टी की सेहत सुधारने और जमीन के टिकाऊ प्रबंधन के तरीकों को बढ़ावा देने की अहमियत पर जोर दिया।
लाल ने भारतीय खेती में बदलाव लाने के लिए नई उभरती टेक्नोलॉजी की संभावनाओं के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स किसानों के लिए मिट्टी की जांच को तेज, सस्ता और ज्यादा आसान बना सकते हैं, जिससे किसान सही जानकारी के आधार पर फैसले ले सकें और फसल की पैदावार बढ़ा सकें।
समर दावोस 23 जून को शुरू हुआ और 25 जून को खत्म होगा। इसमें बिजनेस, सरकार, एकेडेमिया और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के ग्लोबल लीडर्स इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और आर्थिक विकास के भविष्य पर चर्चा करने के लिए एक साथ एक मंच पर आएंगे।