प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘सेवा तीर्थ’ में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने युवा राजनयिकों से भारत की वैश्विक भागीदारी को मजबूत करने के लिए देश की सभ्यतागत विशिष्टताओं को प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और प्रभावी संचार से जोड़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से दुनिया के साथ भारत के आर्थिक जुड़ाव के लिए ‘उत्प्रेरक’ की भूमिका निभाने को भी कहा।
स्थानीय समुदायों से मजबूत जुड़ाव पर जोर
प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि जिन देशों में उनकी तैनाती हो सकती है, वहां जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव बनाएं और स्थानीय समुदायों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करें। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने अधिकारियों को पारंपरिक राजनयिक दायरे से आगे बढ़कर अपने नेटवर्क का विस्तार करने और लोगों के साथ जुड़ाव मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
50 प्रशिक्षु अधिकारियों ने लिया हिस्सा
इस समूह में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े 50 प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी शामिल थे। संवाद के दौरान मोदी ने कहा कि भारतीय मिशनों को केवल सरकारों और संस्थानों के साथ ही नहीं, बल्कि समुदाय स्तर पर लोगों के साथ भी सार्थक संबंध बनाने चाहिए।
डिजिटल मौजूदगी मजबूत करने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने भारतीय मिशनों की डिजिटल मौजूदगी मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी संस्था से जुड़ने के लिए वेबसाइट अक्सर लोगों का पहला माध्यम होती है। ऐसे में दूतावासों से संबंधित सेवाओं को अधिक आसान, तेज और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
भारत की सभ्यता और संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाएं
मोदी ने प्रशिक्षु अधिकारियों से भारत की सभ्यता, संस्कृति और भौगोलिक विशिष्टताओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे भारत को पर्यटन के लिए और अधिक आकर्षक वैश्विक केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
एआई और गेमिंग के इस्तेमाल पर जोर
प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के युवाओं में भारत के प्रति अधिक रुचि पैदा करने के लिए ‘भारत को जानिए’ प्रश्नोत्तरी का लाभ उठाने का सुझाव दिया। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को अधिक रोचक बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और गेमिंग के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही।
प्रशिक्षुओं ने साझा किए प्रशिक्षण के अनुभव
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण और ‘भारत दर्शन’ के अनुभव साझा किए। उन्होंने दुनिया के साथ भारत के सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को समझने के महत्व पर भी विचार रखे।
आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में उत्प्रेरक बनें
मोदी ने ‘एक्स’ पर भी प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बारे में पोस्ट किया और कुछ तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि युवा राजनयिकों को कूटनीति को पारंपरिक दायरे से बाहर ले जाकर स्थानीय समुदायों और प्रवासी भारतीयों के साथ सार्थक रूप से जुड़ना चाहिए। साथ ही, निवेश के नए अवसरों की पहचान कर भारत की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने में उत्प्रेरक की भूमिका निभानी चाहिए।
मिशनों को प्रौद्योगिकी आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मिशनों को अधिक प्रौद्योगिकी आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाया जाना चाहिए तथा उनकी डिजिटल मौजूदगी को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने दूतावास सेवाओं को बिना किसी रुकावट के तेज गति से उपलब्ध कराने पर जोर दिया। मोदी ने अधिकारियों से भारत की सभ्यता की विरासत, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को उजागर कर दुनिया के सामने देश की सकारात्मक छवि पेश करने का भी आह्वान किया।