चंडीगढ़ पुलिस द्वारा पिछले महीने ड्रग केस में पकड़े सेक्टर 56 के राहुल (22) की सेक्टर 32 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH-32) में मौत हो गई है। उसकी मौत पर परिवार व रिश्तेदारों ने गुरुवार को हॉस्पिटल में जम कर हंगामा किया। स्थिति तनावपूर्ण होने के चलते पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल हॉस्पिटल में तैनात किया गया। मृतक राहुल की मां को भी चोट आई है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को काबू में कर लिया है और राहुल के शव का पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है।
नशे की ओवरडोज देने का आरोप
इससे पहले बीते सोमवार को भी परिवार व अन्य लोगों ने हॉस्पिटल में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। आरोप लगाया गया कि राहुल को जेल में नशे की ओवरडोज दी गई जिससे उसकी मौत हुई। 2 बच्चों के पिता राहुल को पिछले महीने चंडीगढ़ पुलिस ने ड्रग केस में पकड़ा था। जिसके बाद उसे बुड़ैल जेल भेज दिया गया। जेल में उसकी तबीयत बिगड़ी थी और उसे हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया था।
झूठे केस में फंसाने के आरोप लगाए
परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पहले उसे झूठे ड्रग केस में फंसाया गया। उसके बाद उसका रिमांड न लेने के नाम पर डेढ़ लाख रुपए मांगे। जेल में उसे नशीला पदार्थ दिया गया जिससे अब उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई और वह वैंटिलेटर पर जा पहुंचा। राहुल के कब्जे से 25.8 ग्राम हेरोइन दिखाई गई थी। राहुल की पत्नी पैरालाइज्ड है। उसके 4 और 3 साल साल के दो बच्चे हैं।
कहा था कॉल करूंगा- मगर हॉस्पिटल जा पहुंचा
राहुल के परिवार के मुताबिक इसी महीने को जेल में बीती 6 दिसंबर को मिलने गए थे। तब उसकी तबीयत ठीक थी। इसके बाद राहुल ने कहा था कि वह 8 दिसंबर को कॉल करेगा और उसकी मम्मी से बात करवा देना। उसके बाद वीरवार को उसका कॉल नहीं आया। इसके बाद 9 दिसंबर को परिवार को पुलिस का कॉल आया कि राहुल की तबीयत ज्यादा खराब है और GMCH-32 में उससे मिलने आ जाए। परिवार के मुताबिक उसकी हालत बहुत खराब थी और मुंह से झाग निकल रहा था।
मोहाली फेज 6 में करता था काम
जानकारी के मुताबिक, राहुल मोहाली के फेज 6 में सीट कवर डालने का काम करता था। परिवार ने आरोप लगाया कि उसे पहले मोहाली पुलिस ने पकड़ा और पैसे मांगे। जिसके बाद उसे चंडीगढ़ पुलिस के हवाले का दिया था। वहीं उस पर ड्रग का झूठा केस डाल दिया गया। थाने में उसकी पिटाई भी की गई।
जेल जाने के सप्ताह भर में ही तबीयत बिगड़ी
राहुल के परिवार का कहना है कि जेल भेज पांचवें दिन उसे कुछ नशीला पदार्थ खिला दिया गया। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। परिवार के मुताबिक जेल प्रशासन ने जेल में ड्रग की बात छिपाने की कोशिश की। अगर राहुल की तबीयत खराब थी तो उसे PGI रेफर किया जाता। वहीं राहुल की पत्नी ने कहा कि उन्हें दो दिनों के बाद पुलिस ने राहुल को पकड़े जाने की जानकारी दी।