प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स गठित करने के फैसले का देशभर में स्वागत हो रहा है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने इसे युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को घोषणा की कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केसों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।
राज्यों की प्रतिक्रिया
– उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “यह निर्णय करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। इससे परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को न्याय मिलेगा।”
– दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे छात्र हितों की रक्षा का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि अब कानून पूरी कठोरता से काम करेगा।
– छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लिखा, “मोदी सरकार में युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। यह फैसला ईमानदार छात्रों के विश्वास को और मजबूत करेगा।”
– बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना मोदी सरकार की गारंटी है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।”
– राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इसे युवाओं के सपनों की सुरक्षा की दिशा में मजबूत प्रतिबद्धता बताया।
केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सीआर पाटिल, अन्नपूर्णा देवी और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नितिन नवीन ने भी प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल की सराहना की। अन्नपूर्णा देवी ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार पहले ही पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लाकर परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून बना चुकी है।