गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत 69 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 22,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे जमा की जा चुकी है।
विकसित गुजरात से विकसित भारत का संकल्प
15वीं गुजरात विधानसभा के आठवें सत्र को संबोधित करते हुए आचार्य देवव्रत ने ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प के तहत समावेशी विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्राकृतिक खेती और राहत पैकेज पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को समय पर वित्तीय सहायता दी गई है और इस वर्ष 9,610 करोड़ रुपए के राहत पैकेज से 33 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य में प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड और विश्व का पहला प्राकृतिक कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है।
प्रशिक्षण और रसायन-मुक्त खेती का विस्तार
उन्होंने बताया कि 19 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 8 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक कृषि पद्धतियां अपना चुके हैं। राज्य में 7,100 मॉडल फार्म स्थापित किए गए हैं और डांग जिला को पूरी तरह रसायन-मुक्त घोषित किया गया है।
बागवानी उत्पादों को वैश्विक पहचान
राज्यपाल ने बागवानी क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए गिर केसर आम, वलसाद हाफू, कच्ची खारेक और अमलसादी चीकू जैसे उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता योजनाएं किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
तकनीक आधारित शासन और सांस्कृतिक संदर्भ
उन्होंने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाली प्रौद्योगिकी आधारित पहलों का जिक्र किया। साथ ही सोमनाथ मंदिर पर हमले की एक हजारवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान महोत्सव’ का भी उल्लेख किया।