केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को केरल के पलक्कड़ पहुंचे, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री पारंपरिक केरल वेशभूषा मुंडू (धोती) पहने नजर आए। जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “उन्हें केरल में एक नई ऊर्जा और बदलाव की लहर महसूस हो रही है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय राज्य की जनता और भारतीय जनता पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया।” उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक हिंसा के कारण अपने प्राण गंवाए हैं और उन्होंने मंच से उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल अब बदलाव का संदेश दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और लोगों का भरोसा भाजपा पर मजबूत हो रहा है। उन्होंने सभा में मौजूद भारी भीड़ को इस बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि यह सिर्फ चुनावी माहौल नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा, महिलाएं और किसान अब भाजपा और एनडीए के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पलक्कड़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पलक्कड़ को केरल का प्रवेश द्वार कहा जाता है और यहां की हरियाली, परंपराएं और मेहनतकश लोग इसे विशेष बनाते हैं। उन्होंने कल्पथी मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी तुलना अक्सर काशी से की जाती है और काशी से सांसद होने के नाते यह उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने केरल की सामाजिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नमन किया। उन्होंने श्री नारायण गुरु, चट्टम्पी स्वामीकल, मन्नथु पद्मनाभन, महात्मा अय्यंकाली और संत कुरियाकोस एलियास चावरा जैसे महान संतों और समाज सुधारकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों ने केरल की सामाजिक चेतना को दिशा दी है।
प्रधानमंत्री ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों से केरल दो प्रमुख गठबंधनों वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों ही गठबंधन वोट बैंक की राजनीति में लिप्त हैं और राज्य के विकास की अनदेखी करते रहे हैं। उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ को भ्रष्ट बताते हुए कहा कि दोनों के बीच सत्ता के बंटवारे का एक अनौपचारिक समझौता रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियां एक-दूसरे पर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों से यह स्पष्ट हो गया है कि असली मुकाबला भाजपा से है और जनता अब इसे समझ चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया कि अगर केरल में भाजपा और एनडीए की सरकार बनती है तो राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने “विकसित केरल” बनाने का वादा करते हुए कहा कि यह उनकी गारंटी है और राज्य की जनता इस बदलाव के लिए तैयार है।
पीएम ने कहा कि हाल ही में केरल में सरकारी कर्मचारियों के डीए और छुट्टियों के बकाया भुगतान को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कांग्रेस इस सबके लिए लेफ्ट वालों पर हमला करती है, लेकिन जहां कांग्रेस की सरकार है वहां भी हालत बुरे हैं। पड़ोसी कर्नाटक को देख लीजिए, वहां भी विकास के ज्यादातर काम रुक गए हैं। हिमाचल प्रदेश भी आर्थिक संकट में है। यही कांग्रेस का मॉडल है।”
उन्होंने कहा कि केरल पर 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। यह आंकड़ा पिछले सिर्फ दस सालों में तीन गुना हो गया है। जाहिर है केरल के लोग जवाब मांग रहे हैं। यह सारा पैसा कहां गया? जवाब साफ है, यह एलडीएफ की जेबों में चला गया है। जब केरल में भाजपा सत्ता में आएगी, तो हम यह पक्का करेंगे कि भ्रष्ट लोगों से उनकी गलत तरीके से कमाई गई दौलत वापस ली जाए। हर एक रुपए का हिसाब लिया जाएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच की जाएगी कि फंड का इस्तेमाल हमारे राज्य और यहां के लोगों के असली विकास के लिए ही हो।