चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने पंजाब सरकार की एक एम्बेसडर गाड़ी का चालान काटा है। चंडीगढ़ नंबर की यह गाड़ी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के शहर में घूम रही थी। एक व्यक्ति ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड की। वहीं ट्रैफिक पुलिस के साथ शेयर करते हुए पूछा कि यह क्या हो रहा है? बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के एक और गाड़ी? किस तरह सरकारी गाड़ियां ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करते हुए सड़कों पर घूम रही हैं जबकि इसे लेकर एक आम आदमी को शोषण होता है और उसका चालान किया जाता है।
ट्विटर पर इस 3 सेकेंड की वीडियो को पोस्ट करते हुए ट्रैफिक पुलिस को बताया गया कि सेक्टर 15/16 की डिवाइडिंग रोड पर सोमवार शाम को 6.10 बजे यह गाड़ी निकली थी। इसके बाद चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी का चालान कर दिया। दरअसल ट्रैफिक पुलिस इस प्रकार की वॉयलेशन से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो की सही टाइमिंग और जगह की जानकारी हासिल करती है ताकि वॉयलेशन को पुख्ता किया जा सके।
इनोवा के चालान की जानकारी नहीं दी थी
इससे पहले बीते 10 दिसंबर को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस से चंडीगढ़ नंबर की एक पुलिस पायलट गाड़ी की वीडियो शेयर की गई थी। इस पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं था और रियर ग्लास पर बड़ा-बड़ा पुलिस लिखा हुआ था। यह दोनों ही ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना थे। हालांकि उस मामले में ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया पर चालान जारी किए जाने संबंधी कोई जानकारी नहीं दी थी। मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन कर बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के पुलिस स्टिकर से भरी उस इनोवा गाड़ी को लेकर कई यूजर्स ने सवाल किए थे।
सेक्टर 8 की 'इनर मार्केट' में पोस्ट ऑफिस के साथ 10 दिसंबर शाम को 6.35 बजे इनोवा की फोटो ली गई थी। बता दें कि गाड़ी के शीशे पर इस तरह स्टिकर लगाने पर पहली बार 500 रुपए और दूसरी बार हजार रुपए का चालान है। वहीं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का 5 हजार रुपए का चालान है।
मुलाजिम भी रुल्स तोड़ने में आगे
सोशल मीडिया पर आम लोगों के साथ ही कई बार पुलिस मुलाजिम भी ट्रैफिक रुल्स तोड़ते हुए लोगों के कैमरों में कैद हो जाते हैं। इनमें बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने और बिना हेलमेट टू व्हीलर चलाने जैसे ट्रैफिक वॉयलेशन होते हैं।