चंडीगढ़ : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने शनिवार को हांसी में आयोजित स्वागत एवं अभिनंदन समारोह में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा सत्ता और परिवार के इर्द-गिर्द घूमती रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की सत्ता की महत्वाकांक्षा के कारण देश का विभाजन हुआ और 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र और संविधान को कुचलने का काम किया। डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को हमेशा “मैं और मेरा परिवार” दिखाई दिया, जबकि भाजपा की राजनीति राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रसेवा और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को समर्पित किया है। इससे पहले हांसी पहुंचने पर भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक सैनी, कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक विनोद भयाना, प्रदेश उपाध्यक्ष जवाहर सैनी, हांसी प्रभारी सुनीता दांगी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता का भव्य स्वागत किया। उन्हें पगड़ी पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत से अभिभूत डा. गुप्ता ने कहा कि कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों से मिला प्रेम, विश्वास और सम्मान संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और मजबूत करता है।
हांसी के माया बैंक्वेट हॉल में आयोजित समारोह में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डा. अर्चना गुप्ता ने आह्वान किया कि वे गांव-गांव, गली-गली और चौपाल तक पहुंचें। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थानों में युवाओं से संवाद करें तथा उन्हें कांग्रेस के इतिहास और भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठे और भ्रामक प्रचार के जरिए युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं को तथ्यों के साथ इसका जवाब देना होगा।
नेहरू की सत्ता की महत्वाकांक्षा से हुआ देश का विभाजन
डा. अर्चना गुप्ता ने कहा कि अखंड भारत के विभाजन की त्रासदी को देश कभी नहीं भूल सकता। विभाजन के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए, परिवार उजड़े और महिलाओं को अत्याचार सहने पड़े। उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू की प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा नहीं होती तो देश को विभाजन की यह त्रासदी नहीं झेलनी पड़ती।
कुर्सी बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने लगाया आपातकाल
डा. गुप्ता ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता में बने रहने के लिए देश पर आपातकाल थोपा। लाखों लोगों को जेलों में डाल दिया गया, नागरिक अधिकारों का दमन हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रहार किया गया। उन्होंने कहा कि आपातकाल कांग्रेस की सत्ता-केंद्रित राजनीति का ऐसा अध्याय है जिसे देश कभी भुला नहीं सकता।