भारत की ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के तहत महाराष्ट्र के नागपुर में तीसरी ब्रिक्स परिवहन कार्य समूह (टीडब्ल्यूजी) की बैठक गुरुवार को शुरू हुई। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी टिकाऊ, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणालियों को विकसित करने तथा इस क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं।
परिवहन सहयोग पर दो दिनों तक होगी चर्चा
अगले दो दिनों तक चलने वाली इस बैठक में टिकाऊ परिवहन अवसंरचना, हरित गतिशीलता (ग्रीन मोबिलिटी), मजबूत लॉजिस्टिक्स, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और परिवहन क्षेत्र से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर जोर
प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए समावेशी विकास और वैश्विक सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय “मजबूती, नवाचार, सहयोग और दीर्घकाल के लिए निर्माण” एक जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य कुशल, टिकाऊ और मजबूत परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
छह प्रमुख प्राथमिकताओं पर फोकस
वी. उमाशंकर ने बताया कि भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान परिवहन क्षेत्र के लिए छह प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं। इनमें दीर्घकालिक अवसंरचना विकास, टिकाऊ विमान ईंधन (एसएएफ), परिवहन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी, शहरी मोबिलिटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स और रेलवे अनुसंधान में सहयोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच ज्ञान साझा करना, तकनीकी सहयोग बढ़ाना, संस्थागत साझेदारी को मजबूत करना और क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना है।
पिछली बैठकों की प्रगति को मिलेगा आगे बढ़ाने का अवसर
सचिव ने कहा कि प्रस्तावित पहलें पिछली ब्रिक्स परिवहन कार्य समूह बैठकों में हुई प्रगति पर आधारित हैं और दीर्घकालिक सहयोग की मजबूत नींव तैयार करेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सदस्य देश नवाचार आधारित, पर्यावरण-अनुकूल और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में मिलकर काम करेंगे।
वर्चुअल बैठकों के बाद हुआ आयोजन
उन्होंने बताया कि नागपुर में आयोजित यह बैठक पांच वर्चुअल तैयारी बैठकों के बाद आयोजित की जा रही है, जिनमें सदस्य देशों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यही सहयोग की भावना आगामी चर्चाओं और साझा निर्णयों में भी दिखाई देगी।
विस्तारित ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका
वी. उमाशंकर ने कहा कि विस्तारित ब्रिक्स समूह आज विश्व की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक जीडीपी का 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 26 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में परिवहन क्षेत्र में बेहतर सहयोग से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, आपूर्ति श्रृंखलाएं अधिक सुदृढ़ बनेंगी और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दो दिनों की चर्चा आगामी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक के लिए ठोस परिणामों का आधार तैयार करेगी।
11 जुलाई को होगी मंत्रिस्तरीय बैठक
तीसरी ब्रिक्स परिवहन कार्य समूह की बैठक के बाद 11 जुलाई 2026 को नागपुर में तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक आयोजित की जाएगी।