पंचकूला राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SVACB), हरियाणा द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना एसीबी, पंचकूला में एफआईआर संख्या 0005 24.03.2026 को दर्ज की गई है। यह मामला कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11, पंचकूला में नगर निगम पंचकूला की एफडीआर एवं बैंक खातों में पाई गई गंभीर विसंगतियों से संबंधित है। इस मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव गिरफ्तार किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर निगम पंचकूला द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक में लगभग ₹145 करोड़ से अधिक की 16 एफडी जमा कराई गई थीं, जिनकी परिपक्वता राशि (Maturity amount) लगभग ₹158 करोड़ थी। जांच के दौरान बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड एवं नगर निगम के अभिलेखों में गंभीर अंतर पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खातों में दर्शाई गई शेष राशि अपेक्षित राशि से काफी कम है। साथ ही, कुछ ऐसे अतिरिक्त बैंक खाते भी सामने आए हैं, जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। यह स्थिति स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितताओं एवं संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है।
मामले की गहन जांच के दौरान आरोपी दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया गया है, जो घटना के समय कोटक महिंद्रा बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मुख्य आरोपियों के साथ साजिश कर नगर निगम पंचकूला को एफडी से संबंधित भ्रामक एवं गलत रिपोर्ट्स भेजीं, जिससे रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुईं।
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों/कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(a) व 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी, भले ही वह किसी भी स्तर का क्यों ना हो, सरकारी धन का दुरुपयोग या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे दोषियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।