करनाल : कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किए जाने पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अच्छी बात है कोई जनता की आवाज उठाए और जंतर मंतर पर उन्हें प्रदर्शन करने की परमिशन भी मिली। हुड्डा ने कहा कि किसानों, कांग्रेस और पहलवानों को तो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कभी अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि कुरूक्षेत्र में भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई, जिससे सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े होते हैं। दीपेंद्र हुड्डा करनाल के अंसध में आज कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मैं एक ही बात सरकार को बोलना चाहता हूं 2014 से पहले पीएमटी की परीक्षा और नीट की परीक्षा होती थी लेकिन कभी पेपर लीक की घटना नहीं होती थी। यह इम्तिहान देश के बच्चों का इन पर अटूट यकीन था जो देश की आजादी के बाद शुरू किए गए और आज तक चल रहे हैं। उन्होंने कहा कभी कोई भी सरकार में पेपर लीक नहीं हुआ, 2014 के बाद ही सारे पेपर लीक क्यों हुए।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा अभी 90 के करीब पेपर लीक हो चुके हैं, हर साल पेपर लीक होते हैं 6 हमारे बच्चों ने आत्महत्या भी कर ली है, क्योंकि वह दोबारा से पेपर देने का प्रेशर नहीं जेल का रही है। उन्होंने कहा हम जवाबदेही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ना मांगे तो उनका इस्तीफा न मांगे तो किसका इस्तीफा मांगे।
हुड्डा ने सरकार के उस फैसले पर भी निशाना साधा, जिसमें सीबीएसई के चेयरमैन को हटाकर कृषि विभाग में सचिव बनाया गया। उन्होंने कहा कि अब तक युवाओं को जिस स्थिति का सामना करना पड़ा, अब वही स्थिति किसानों को झेलनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में कृषि विभाग सजा की पोस्टिंग बन गया है, जहां अधिकारियों को दंड के रूप में भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में हमें अधिकार है हम लोगों की आवाज को उठा रहे हैं। मगर चयनित करके किसी तरह को इस तरह से टारगेट पर लेना लोकतंत्र में अच्छी परंपरा नहीं है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा मैं निशाने पर नहीं था निशाने पर प्रजातंत्र है निशाने पर हरियाणा का हर वो युवा है जिसकी मैं आवाज उठा रहा हूं, उन्होंने कहा हरियाणा की जनता निशाने पर है।