संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र की उच्चस्तरीय आम बहस (General Debate) के दौरान तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने अपनी पुरानी आदत दोहराते हुए एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। एर्दोगन ने अपने संबोधन में कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर निकाला जाना चाहिए। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से एर्दोगन (2024 को छोड़कर) अब तक सात बार यूएन के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का ज़िक्र कर चुके हैं। भारत पूर्व में भी तुर्किये की इस तरह की अनावश्यक टिप्पणियों को पूरी तरह खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर चुका है कि कश्मीर भारत का अभिन्न और आंतरिक मामला है, जिसमें किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है।
फ़िलिस्तीन पर बरसे एर्दोगन, विरोध में इज़राइली प्रतिनिधिमंडल का वॉकआउटकश्मीर के अलावा तुर्किये के राष्ट्रपति ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और फ़िलिस्तीन संकट पर केंद्रित रखा:
गाज़ा पर कड़ा प्रहार: एर्दोगन ने गाज़ा में इज़राइल द्वारा की जा रही सैन्य कार्रवाई और मानवीय संकट की कड़े शब्दों में निंदा की।
हॉल से बाहर निकला इज़राइल: जैसे ही एर्दोगन ने इज़राइल पर तीखे हमले शुरू किए, संयुक्त राष्ट्र में मौजूद इज़राइली प्रतिनिधिमंडल विरोध स्वरूप महासभा हॉल से उठकर बाहर (Walkout) चला गया।
UNGA डिबेट से जुड़े अन्य प्रमुख वैश्विक घटनाक्रम
1. ब्रिटेन के पीएम की AI पर चेतावनी और 'डिसइंफॉर्मेशन सेंटर' की घोषणा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने यूएन में अपने पहले संबोधन में रूस पर झूठ और भ्रामक प्रचार (Disinformation) फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) गलत सूचनाओं को खतरनाक हथियार बना सकता है। इससे निपटने के लिए ब्रिटेन एक नया 'डिसइंफॉर्मेशन सेंटर' स्थापित करेगा। बर्नहैम ने ऐलान किया कि 2027 में जब ब्रिटेन G20 की अध्यक्षता संभालेगा, तब AI के सुरक्षित और नैतिक इस्तेमाल के लिए वैश्विक नियम तय किए जाएंगे।
2. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का यूएन दौरे पर भारी विरोध
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के यूएन महासभा में भाग लेने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने को लेकर उनकी अपनी ही राजधानी कराकस में जनता सड़कों पर उतर आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोड्रिगेज को देश का प्रतिनिधित्व करने का कोई नैतिक हक नहीं है। जनवरी 2026 में निकोलस मादुरो को अमेरिकी कार्रवाई में पकड़े जाने के बाद रोड्रिगेज ने सत्ता संभाली थी और बाद में ट्रंप प्रशासन के साथ तेल समझौतों पर आगे बढ़ी थीं।
3. यूएन गलियारों में ट्रंप की सक्रियता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से अलग से मुलाकात की और युद्ध को जल्द समाप्त कराने की बात दोहराई। इसके अलावा उन्होंने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के नेताओं के साथ बहुपक्षीय बैठक की और यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की।