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दुनिया

ट्रंप पीएम मोदी को अच्छा मित्र मानते हैं, भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध: राजदूत गोर

30 जून, 2026 11:46 AM

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र मानते हैं और भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच निजी तालमेल को द्विपक्षीय संबंध को आगे बढ़ाने में एक जरूरी चीज बताया।

अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) लीडरशिप समिट में राजदूत गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत को बहुत सम्मान देते हैं और अक्सर देश में अपने अनुभवों के बारे में बात करते हैं। गोर ने कहा, “अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। हम इस संबंध की परवाह करते हैं। हमारे पास एक ऐसे राष्ट्रपति हैं जो इस संबंध की बहुत परवाह करते हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं वीकेंड शुरू होने से ठीक पहले यहां वाशिंगटन डीसी में उनके साथ था और मैं राष्ट्रपति के साथ लगभग दो घंटे बिता सका और मैंने भारत में जो देखा, उससे वे बहुत खुश हुए। उनके पास भारत की बहुत अच्छी यादें हैं। पिछली बार उनका दौरा, उनके सबसे खास दौरों में से एक था जिसके बारे में वे बात करते रहते हैं। वे भारत को बहुत प्यार करते हैं।”

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में भारत वापस आएंगे। उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि किसी समय राष्ट्रपति भारत में हमसे मिलने आएंगे।”

दोनों नेताओं के बीच करीबी व्यक्तिगत संबंध को हाइलाइट करते हुए, गोर ने मियामी में हाल ही में हुए अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (यूएफसी) इवेंट की एक घटना को याद किया और कहा, “मैं कुछ महीने पहले मियामी में यूएफसी में राष्ट्रपति के साथ था और हम बैकस्टेज बैठे थे और उन्होंने मुझसे कहा, ‘चलो प्रधानमंत्री को फोन करते हैं।’ मैंने कहा, ‘सर, वहां सुबह के 6:00 बज रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वह उठ जाएंगे। वह मेरे जैसे हैं।'”

हालांकि फोन अगले दिन के लिए तय हुया, लेकिन गोर ने कहा कि इस घटना से ट्रंप और पीएम मोदी के बीच संबंध की प्रकृति का पता चलता है। राष्ट्रपति सच में प्रधानमंत्री को दोस्त मानते हैं। गोर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच संबंध ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही है और इससे बड़ी रणनीतिक साझेदारी को फायदा होता रहा है।

राजदूत ने कहा कि दोनों सरकारें व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक में ठोस नतीजे लाने पर ध्यान दे रही हैं। अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि अगले दो साल आने वाले दशकों के लिए आपसी संबंधों को बनाने में बहुत जरूरी होंगे।

अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा, “ये अगले दो साल संबंधों को कई दशकों के लिए एक रास्ते पर ले जाएंगे। इसलिए यहां जो भी इसमें हिस्सा ले रहा है, उसे इसे एक लंबे समय का प्रोजेक्ट समझना चाहिए। यह एक या दो साल का नहीं है, बल्कि हम अभी जो बो रहे हैं, वह हमें दशकों तक सहारा देगा।”

गोर ने कहा, “उन सभी जानकारों के लिए जो ऑनलाइन बैठकर ट्वीट करते हैं और कहते हैं कि यह रिश्ता मुश्किल में है, जब आप इस संबंध की सच्चाई देखते हैं, चाहे वह व्यापार हो, चाहे डिफेंस हो, चाहे लोगों के बीच संबंध हों, यह मजबूती से खड़ा है।”

उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें लगभग हर बड़े क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धत हैं। पिछले छह महीनों में जब मैं भारत में था, मैंने जबरदस्त क्षमता देखी है। और उसकी जबरदस्त क्षमता सभी क्षेत्रों में है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब हमारे दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए कोई नई चीज सामने न आए। आप किसी भी क्षेत्र का नाम लें, अमेरिका और भारत मिलकर काम कर सकते हैं और उसे बहुत ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। तो चाहे वह एआई हो, तकनीक हो, रक्षा हो, इसमें अपार संभावनाएं हैं।

ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही ट्रंप और पीएम मोदी के बीच करीबी कामकाजी संबंध बन गए हैं, जिसकी पहचान 2019 में ह्यूस्टन में “हाउडी मोदी” और 2020 में अहमदाबाद में “नमस्ते ट्रंप” जैसे हाई-प्रोफाइल इवेंट्स से हुई है। दोनों देशों के अधिकारियों ने अक्सर अपने व्यक्तिगत तालमेल का जिक्र किया है, जिससे रक्षा, व्यापार, तकनीक और हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।

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