जर्मनी में वैश्विक नेताओं की एक अहम बैठक के बीच शनिवार को ईरान सरकार के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक देखने को मिला। पुलिस के अनुसार, म्यूनिख में करीब 2,50,000 लोग सड़कों पर उतरे और ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग की। यह विशाल प्रदर्शन उस समय हुआ, जब निर्वासन में रह रहे ईरान के युवराज रेजा पहलवी ने तेहरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की अपील की। यह रैली पहलवी द्वारा घोषित ‘ग्लोबल डे ऑफ एक्शन’ का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य ईरान में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में वैश्विक एकजुटता दिखाना था।
ढोल बजाते, नारे लगाते और सत्ता परिवर्तन की मांग करते हुए प्रदर्शनकारी म्यूनिख की सड़कों पर उमड़ पड़े। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि प्रदर्शनकारियों की संख्या आयोजकों के अनुमान से कहीं अधिक रही। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हरे, सफेद और लाल रंग के झंडे लहराए, जिन पर शेर और सूर्य का प्रतीक बना था। यह वही झंडा है, जिसका इस्तेमाल ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले किया जाता था, जिसने पहलवी राजवंश को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
रैली में कई लोगों के हाथों में रेजा पहलवी की तस्वीरों वाले पोस्टर भी नजर आए, जिनमें कुछ पोस्टरों पर उन्हें ‘राजा’ के रूप में संबोधित किया गया था। उल्लेखनीय है कि ईरान के अपदस्थ शाह के पुत्र रेजा पहलवी पिछले करीब 50 वर्षों से निर्वासन में रह रहे हैं, लेकिन अब वे ईरान के राजनीतिक भविष्य में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं। पहलवी ने म्यूनिख के अलावा लॉस एंजिलिस और टोरंटो में भी इसी तरह के प्रदर्शनों का आह्वान किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान के खिलाफ वैश्विक स्तर पर दबाव बढ़ाने की कोशिशें तेज हो रही हैं।