उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट प्रारंभ होने पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उपराष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत जनहितैषी और लोकतांत्रिक एआई भविष्य को आकार देने के वैश्विक प्रयासों में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि यही दृष्टिकोण इस शिखर सम्मेलन के विषय, “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” में प्रतिबिंबित होता है, जिसका अर्थ है सब के कल्याण और सुख के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके विकास के केंद्र में जनहित, सुलभता और वैश्विक सहयोग को रखते हुए, भारत विकसित देशों की तकनीकी शक्तियों को विकासशील देशों की व्यापकता और क्षमता से जोड़ना चाहता है, जिससे विश्व स्तर पर समावेशी और साझा प्रगति को बढ़ावा मिले।
उपराष्ट्रपति ने पिछले वर्ष पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को स्मरण करते हुए कहा, “कुछ लोग मशीनों के मनुष्यों से अधिक बुद्धिमान होने को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हमारे सामूहिक भविष्य और साझा नियति की कुंजी हम मनुष्यों के अतिरिक्त किसी के पास नहीं है।
सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर बल दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानव-केंद्रित और उत्तरदायित्व से निर्देशित होना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट की व्यापक सफलता की कामना की है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जा रहा है। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जहां नीति व्यवहार से मिलेगी, नवाचार व्यापक स्तर पर लागू होगा और प्रौद्योगिकी आम नागरिक तक पहुंचेगी।