हांसी : चानौत गांव में भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर चल रहे धरने के बीच जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने भाखड़ा ब्रांच से हांसी शहर तक नहरी पेयजल पहुंचाने के लिए अमृत-2 योजना के तहत बनाई जा रही पाइपलाइन परियोजना का कार्य फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसकी जानकारी कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने प्रेस वार्ता में दी।
संजीव त्यागी ने बताया कि हांसी शहर के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत करीब 61.44 करोड़ रुपये की लागत से भाखड़ा पाइपलाइन परियोजना स्वीकृत की गई थी और इस पर कार्य भी शुरू हो चुका था। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-148बी के चौड़ीकरण कार्य के चलते NHAI की ओर से एनओसी जारी नहीं की गई। उन्होंने बताया कि 24 जून 2026 को NHAI द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर विभाग ने फिलहाल इस परियोजना के कार्य को स्थगित कर दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक NHAI की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता, तब तक इस परियोजना पर आगे कोई कार्य नहीं होगा। एनओसी मिलने के बाद ही पाइपलाइन निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान संजीव त्यागी ने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि जरूरत पड़ने पर भाखड़ा पाइपलाइन के रूट में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल परियोजना पूरी तरह NHAI से मिलने वाली अनुमति पर निर्भर है और अनुमति मिलते ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर कि क्या बिना एनओसी के ही इतने बड़े प्रोजेक्ट का कार्य शुरू कर दिया गया था, इस पर संजीव त्यागी ने कहा कि कई बार विभिन्न विभागों की इंटरनल एनओसी बाद में भी प्राप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि यह विभाग के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है तथा उनके कार्यकाल का भी पहला ऐसा प्रोजेक्ट है।
वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या गांव चानौत के टी-कनेक्शन विवाद के बाद इस परियोजना का कार्य रोका गया है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि परियोजना को टी-कनेक्शन विवाद के कारण नहीं रोका गया है। विभाग आज भी इस कार्य को शुरू करना चाहता है, लेकिन NHAI से एनओसी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो पाइपलाइन के रूट में बदलाव करने के विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।