चंडीगढ़ में कई गवर्नमेंट बिल्डिंग्स पर चंडीगढ़ नगर निगम जल्द सख्ती दिखाते हुए इनके बिजली-पानी के कनेक्शन काट सकता है। वही इन बिल्डिंग्स को अटैच व सीलिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर सकता है। निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 800 के लगभग गवर्नमेंट बिल्डिंग्स का प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाया गया है।
पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट की धारा 138 के तहत निगम ने 800 के लगभग सरकारी बिल्डिंग्स को प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस जारी किए हैं। इसके तहत टैक्स न चुकाने पर निगम को बिल्डिंग को अटैच करने, सेल करने व सील करने की पावर है।
निगम ने साफ कर दिया है कि अगर 2 सप्ताह में पेंडिंग प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरा गया तो वह बिल्डिंग का पानी और बिजली कनेक्शन काट देंगे। वहीं प्रॉपर्टी सील करने की चेतावनी भी दी गई है। इन 800 के लगभग बिल्डिंग्स ने निगम का 14 करोड़ के लगभग प्रॉपर्टी टैक्स भरना है। जानकारी के मुताबिक कई सालों से यह टैक्स नहीं भरा गया है।
इनसे वसूला जाना है भारी टैक्स
कुल बकाया टैक्स में से 9.3 करोड़ रुपए टैक्स चंडीगढ़ प्रशासन की कैपिटल प्रोजेक्ट डिवीजन से जुड़ा है। इसके अंतर्गत 700 के लगभग बिल्डिंग्स हैं। इनमें पुलिस स्टेशन, गवर्नमेंट स्कूल, आंगनवाड़ी सेंटर और ट्यूबवैल हैं।
वहीं मिनी-सेक्रेट्रिएट, हरियाणा का 1.42 करोड़ रुपए, मिनी-सेक्रेट्रिएट, पंजाब का 83.4 लाख रुपए, HRTC वर्कशॉप का 65 लाख रुपए, हरियाणा टैक्स ट्रिब्यूनल बिल्डिंग का 9.6 लाख रुपए, डायरेक्टोरेट ऑफ कल्चरल अफेयर्स, आर्कियोलॉजी एवं आर्काइव म्यूजियम का 22.7 लाख रुपए, प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल(ऑडिट), पंजाब का 20.3 लाख रुपए एवं हरियाणा लेबर कमिश्नर बिल्डिंग का 8.5 लाख रुपए टैक्स बकाया है।
रिहायशी बिल्डिंग्स भी डिफॉल्टर्स
निगम के मुताबिक शहर में 11 हजार कॉमर्शियल यूनिट्स डिफॉल्टर्स के अलावा 12 हजार के लगभग डोमेस्टिक डिफॉल्टर्स भी हैं। इन्होंने 5 करोड़ रुपए तक का प्रॉपर्टी टैक्स भरना है। ऐसे 2,500 प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन्हें टैक्स चुकाने का पर्याप्त मौका दिया गया था।
प्रशासन टैक्स रकम की जांच में
चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर के मुताबिक कुछ बिल्डिंग्स का प्रॉपर्टी टैक्स भरा जा चुका है। वहीं कुछ टैक्स के मामलों में टैक्स की रकम को लेकर बातचीत चल रही है। जैसे ही टैक्स की रकम सही पाए जाने पर इसे भर दिया जाएगा। वहीं निगम के मुताबिक एक्ट के तहत टैक्स बॉयलाज में प्रॉपर्टी टैक्स का 75 प्रतिशत सर्विस चार्ज भरने के लिए भी यह बिल्डिंग्स बाध्य हैं।
2004 में शुरू किया था कॉमर्शियल टैक्स वसूलना
बता दें कि नवंबर, 2004 से निगम ने कॉमर्शियल लैंड और बिल्डिंग्स पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाना शुरू किया था। शहर में निगम के दायरे में 23 हजार के लगभग कॉमर्शियल यूनिट्स हैं जिनमें सरकारी बिल्डिंग्स भी शामिल हैं। वहीं रिहायशी जमीन और बिल्डिंग्स में लगने वाला प्रॉपर्टी टैक्स हाउस टैक्स कहलाता है। यह वर्ष 2015-16 से लगाया जाना शुरू किया गया था।