चंडीगढ़ पुलिस आमतौर पर क्रिमिनल केसों की जानकारी सार्वजनिक करती है और कई केसों में 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' कर अफसर बाकायदा फोटो भी खिंचवाते हैं। हालांकि अपने ही डिपार्टमेंट में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) भर्ती में कथित फर्जीवाड़ा आने की जानकारी पुलिस ने छिपा ली। इसका खुलासा हुआ तो फर्जीवाड़ा करने वाले कैंडिडेट में भी घबराहट पैदा हो गई है। जानकारी के मुताबिक, बीते 30 नवंबर को यह केस दर्ज किया गया था।
डिपार्टमेंट में निकाले गए ASI के 49 पदों पर जॉइन करने के लिए 12 कैंडिडेट्स ने कथित रूप से कई एप्लिकेशन भरीं। इनमें अपनी अलग-अलग डिटेल्स दी। थाना पुलिस ने IPC की धारा 419 (गलत पहचान बताना), 420(धोखाधड़ी) और 511(अपराध को अंजाम देने का प्रयास) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों से पता चला है कि भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वालों में सबसे ज्यादा हरियाणा के कैंडिडेट हैं। यह सोनीपत, झज्जर, करनाल, रेवाड़ी व अन्य जिलों के रहने वाले हैं।
यह निकल कर आया सामने
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है जिन आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है, उन्होंने लगभग 122 एप्लिकेशन भरी थी। इनमें कैंडिडेट की तस्वीर एक ही थी मगर उनमें डिटेल्स अलग थी। वहीं कैंडिडेट के नाम अभी नहीं बताए गए हैं और संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। वहीं इस परीक्षा को लेकर 18 दिसंबर की तारीख लिखित परीक्षा के लिए तय है। अब घपलेबाजी सामने आने के बाद संभवत: यह आगे एक्सटेंड भी हो सकती है। इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस ने 520 कॉन्स्टेबल भर्ती और 39 बैंड कॉन्स्टेबल भर्ती भी निकाली थी।
कंप्यूटर में सामने आई सच्चाई
पुलिस जानकारी के मुताबिक, उनके कंप्यूटर सिस्टम में पता चला कि ऐसे कई कैंडिडेट हैं, जिन्होंने अलग डिटेल्स भर कई एप्लिकेशन इस भर्ती के लिए जमा करवाई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कई कैंडिडेट ने एक से ज्यादा एप्लिकेशन जमा करवाई हुई हैं। कुछ कैंडिडेट्स ने एक फॉर्म में अपना 'सरनेम' नहीं भरा और दूसरे में सरनेम के साथ एप्लिकेशन जमा करवाई है। वहीं कुछ ने डुप्लीकेट एप्लिकेशन जमा करवाई है क्योंकि पहले वाली में बैंक उनकी फीस पहली बार में ट्रांसफर नहीं कर पाया था। पुलिस इस केस की गहराई से जांच कर रही है।
15 हजार से ज्यादा एप्लिकेशन प्राप्त हुई
बता दें कि चंडीगढ़ पुलिस ने 13 वर्षों के अंतराल के बाद इसी साल सितंबर में ASI के 49 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें 16 पद महिलाओं के लिए रिजर्व थे। वहीं 27 पुरुषों के लिए थे। 6 पद आर्मी जवानों के लिए रिजर्व थे। चंडीगढ़ पुलिस को कुल 15,802 एप्लिकेशन प्राप्त हुई थी। डिपार्टमेंट ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेस, पंजाब यूनिवर्सिटी को एप्लिकेशन की स्क्रूटनी का काम सौंपा गया था। डिपार्टमेंट के चीफ कोआर्डिनेटर पीके शर्मा की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ है।