Monday, March 23, 2026
BREAKING
अंतरराज्यीय नशा तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता, 6.44 किलो चरस मामले में मुख्य सरगना गिरफ्तार हिमाचल में वित्तीय आपातकाल जैसे हालात, घटता बजट चिंता का विषय : संदीपनी भारद्वाज Himachal में बारिश बर्फबारी के आसार, तूफान-आसमानी बिजली का यलो अलर्ट जारी पंजाब पुलिस-बीएसएफ संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान ड्रग नेटवर्क ध्वस्त मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिया संकल्प : ‘बेअदबी’ के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा स्वामी दयानंद की विचारधारा से मिला स्वदेशी और स्वराज का मंत्र : औमप्रकाश धनखड़ मोदी की नीति का असर, ‘तेल की नस’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों पर राहत : अनिल विज आतंकवाद और नक्सलवाद को जड़मूल से समाप्त करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : नायब सिंह सैनी विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में हरियाणा निभा रहा अग्रणी भूमिका : नायब सैनी कुमारी सैलजा ने चौधरी भजनलाल की प्रतिमा का अनावरण, नगर निगम और सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल

चंडीगढ़

चंडीगढ़ में बिजली बिलों को लेकर नया नियम हुआ लागू, पुराना सिस्टम किया खत्म, पढ़ें...

22 जनवरी, 2026 05:10 PM

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) ने शहर के घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिलिंग चक्र में बड़ा बदलाव करते हुए अब हर महीने बिल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 19 जनवरी से प्रभावी इस फैसले के साथ लंबे समय से चली आ रही द्वि-मासिक (दो महीने में एक बार) बिलिंग प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है। संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) के दिशा-निर्देशों के तहत लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उपभोक्ताओं को एक साथ भारी बिलों के बोझ से बचाना और बिलिंग प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाना है।

कंपनी का मानना है कि अब निवासी हर महीने मीटर रीडिंग और खपत का सटीक हिसाब रख सकेंगे। इससे घरेलू बजट बिगड़ने का जोखिम कम होगा। सीपीडीएल के अनुसार यह बदलाव बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और नई तकनीक को अपनाने का हिस्सा है। इस प्रणाली से न केवल मीटर रीडिंग में शुद्धता आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि मासिक बिलिंग से उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में सुविधा होगी और वे मोबाइल के माध्यम से भी डुप्लीकेट बिल प्राप्त कर सकेंगे।

व्हाट्सएप नंबर 9240216666 पर करें बिजली संबंधी शिकायत
बिजली से संबंधित किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए 24 घंटे संचालित कॉल सेंटर नंबर 19121 या व्हाट्सएप नंबर 9240216666 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा, सीपीडीएल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से भी सेवाएं ली जा सकती हैं। शहर में स्थित 14 शिकायत केंद्र और 10 सब-डिवीजन कार्यालय भी उपभोक्ताओं की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। कंपनी ने लोगों को सतर्क किया है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। सीपीडीएल ने इस सुधार के माध्यम से चंडीगढ़ में बिजली वितरण प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने का दावा किया है।

 

Have something to say? Post your comment

और चंडीगढ़ खबरें

पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र नेता को धमकाने के लिए चलाई गईं गोलियां, गैंगवार की आशंका

पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र नेता को धमकाने के लिए चलाई गईं गोलियां, गैंगवार की आशंका

Chandigarh में दिन-दिहाड़े बड़ी वारदात! GYM से बाहर निकलते ही युवक को सरेआम गोलियों से भूना

Chandigarh में दिन-दिहाड़े बड़ी वारदात! GYM से बाहर निकलते ही युवक को सरेआम गोलियों से भूना

सांसद मनीष तिवारी ने सेक्टर-32 कॉलोनी में नए सीसीटीवी कैमरों का किया उद्घाटन

सांसद मनीष तिवारी ने सेक्टर-32 कॉलोनी में नए सीसीटीवी कैमरों का किया उद्घाटन

मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में बड़े सुधारों की जरूरत पर जोर दिया

मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में बड़े सुधारों की जरूरत पर जोर दिया

चंडीगढ़ में एक्सटेंशन या नया चेहरा, SSP कंवरदीप कौर का कार्यकाल पूरा, PM टेबल पर फाइल

चंडीगढ़ में एक्सटेंशन या नया चेहरा, SSP कंवरदीप कौर का कार्यकाल पूरा, PM टेबल पर फाइल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं को बांटी गई सिलाई मशीन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं को बांटी गई सिलाई मशीन

कमांडेंट कमल सिसोदिया: साहस और महिला सशक्तिकरण की मिसाल

कमांडेंट कमल सिसोदिया: साहस और महिला सशक्तिकरण की मिसाल

गौडिया मठ के पूर्व आचार्य भागवत महाराज का 100 वा जन्मदिन मनाया

गौडिया मठ के पूर्व आचार्य भागवत महाराज का 100 वा जन्मदिन मनाया

सेक्टर-52 पुलिस चौकी में रक्तदान शिविर, 59 लोगों ने किया रक्तदान

सेक्टर-52 पुलिस चौकी में रक्तदान शिविर, 59 लोगों ने किया रक्तदान

‘उर्जावरण’ में ऊर्जा संरक्षण और डिकार्बोनाइजेशन पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

‘उर्जावरण’ में ऊर्जा संरक्षण और डिकार्बोनाइजेशन पर विशेषज्ञों ने किया मंथन