उपमंडल कृषि अधिकारी डा. मनीष वत्स ने बताया कि रबी सीजन 2026 के दौरान गेहूं के अवशेषों में आगजनी की घटनाओं पर सेटेलाइट द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है और अवशेषों में आग लगी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी, जुर्माना भी लगाया जाएगा और राजस्व रिकार्ड में रेड एंट्री भी की जाएगी और दो वर्षों तक किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा के अंतर्गत फसल नहीं बेच पाएगा। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष में आग लगने से सडक़ों पर धुआं होने से रोड पर एक्सीडेंट से जानमाल का नुकसान भी होता है।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा ब्लॉक स्तर व ग्राम स्तर पर कमेटी गठित कर ग्राम सचिव, पटवारी, कृषि विभाग अधिकारी, उपमंडल अधिकारी नागरिक को नोडल अधिकारी नियुक्त कर कमेटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेषों में आग लगाने की घटनाओं पर पूर्णतया अंकुश लगाने हेतु आवश्यक जिला प्रशासन का सहयोग करें। उपमंडल कृषि अधिकारी मनीष वत्स ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं की कटाई के बाद फसल अवशेषों में तूड़ी इत्यादि बनाकर फसल अवशेष प्रबंधन करें, ताकि वातावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और भूमि की उर्वरा शक्ति भी कायम रह सके। कई किसान स्ट्रारीपर से तूड़ी बनाने के बाद भी खेत की मेड़ो के पास बचे-खुचे अवशेषों में आग लगाने का प्रयास करते है, इससे भी बचा जाना चाहिए, ताकि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके।