चंडीगढ़ : हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। फेसलेस रजिस्ट्री के पायलट प्रोजेक्ट से पहले मई के अंत तक पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 लागू करने की तैयारी है। इसके बाद जून या जुलाई में फेसलेस रजिस्ट्री का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।
सरकार ने पिछले साल पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत की थी, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया में काफी सरलता आई। हालांकि, अभी आवेदन के दौरान ज्यादा जानकारी देनी पड़ती है। नई प्रणाली पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 में आवेदन प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा और जरूरी सूचनाओं की संख्या कम की जाएगी। साथ ही तकनीकी खामियों को भी दूर किया जाएगा।
गुरुग्राम या फरीदाबाद से होगा पायलट प्रोजेक्ट
अगर बात की जाए गुरुग्राम और फरीदाबाद की तो राज्य में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री यहां होती हैं। इसी कारण फेसलेस रजिस्ट्री का पायलट प्रोजेक्ट इन दोनों जिलों में से किसी एक तहसील में शुरू करने की योजना है। पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों का 2-3 महीने तक विश्लेषण किया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।
बता दें कि हरियाणा में कुल 143 तहसील और उप-तहसीलें हैं। फेसलेस रजिस्ट्री लागू होने के बाद नागरिक कहीं से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आधार प्रमाणीकरण, ऑनलाइन फोटोग्राफी और डिजिटल सत्यापन जैसी तकनीकों के जरिए फर्जीवाड़े को रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हरियाणा के भू-अभिलेख निदेशक डॉ. यशपाल ने बताया कि पहले इस प्रक्रिया को एक तहसील में लागू किया जाएगा। और बाद में उसके परिणामों के आधार पर पूरे प्रदेश में योजना लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक फेसलेस रजिस्ट्री को पूरी तरह लागू कर दिया जाए। इस नई व्यवस्था से न केवल प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी, बल्कि लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।