गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों के सेवन को कम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि पहले से ही बाहरी वातावरण गर्म होता है और शरीर के अंदर भी पित्त बढ़ने लगता है। ऐसे में शरीर बाहरी और आंतरिक गर्मी से प्रभावित होता है। यही कारण है कि गर्मियों में ठंडी तासीर वाली चीजों की मांग बढ़ जाती है और गर्म तासीर वाली चीजों को किनारे कर दिया जाता है, लेकिन इसी के साथ एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या गर्मी में शहद का सेवन करना हानिकारक हो सकता है। आयुर्वेद में शहर को अमृत माना जाता है, लेकिन उसकी तासीर गर्म और नमी देने वाली होती है। गर्मियों में पहले ही वायुमंडल में ताप और नमी होती है। ऐसे में क्या गर्मियों में शहद का सेवन करना सही रहेगा। आयुर्वेद मानता है कि भले ही शहद की तासीर गर्म होती है, लेकिन उसे 'योगवाही' द्रव्य भी कहा गया है यानी शहद को जिस वस्तु के साथ मिलाकर लिया जाए, वो वैसे ही गुण आत्मसात कर लेता है।
अगर शहद का सेवन सीधे तौर पर किया जाए, तो यह शरीर का पित्त बढ़ाकर गर्मी और जलन पैदा कर सकता है, लेकिन अगर इसी विधि और खाद्य पदार्थ के साथ लिया जाए, तो इसकी तासीर दोनों बदल जाती है। जैसे गर्मियों में शहद का सेवन मिट्टी के घड़े के पानी के साथ मिलाकर सुबह कर सकते हैं। इसमें नींबू मिलाकर सुबह खाली पेट लें। यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करेगा और वजन को भी नियंत्रित रखेगा।
गर्मियों में सत्तू का सेवन हर घर में किया जाता है। कुछ लोग मीठा सत्तू लेना पसंद करते हैं और उसमें चीनी का प्रयोग करते हैं, लेकिन चीनी की बजाय सत्तू में शहद का प्रयोग किया जा सकता है। यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों प्रदान करेगा। यह मिश्रण न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखेगा, बल्कि मांसपेशियों की थकान को भी पल भर में दूर कर देगा।
शहद को दोपहर के वक्त दही के साथ भी लिया जा सकता है। शहद और दही का मिश्रण एक बेहतरीन प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और लू से बचाने में भी मदद करता है। इसके साथ ही ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि शहद को कभी भी घी के साथ न लें। यह विरुद्ध आहार की श्रेणी में आता है। दोनों का साथ में सेवन करने से शरीर में अधिक गर्मी बनने लगती है और वात और पित्त का असंतुलन भी होता है।