भारत के सहायक कोच रियान टेन डोइशे का मानना है कि मौजूदा टी20 चैम्पियन टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह स्वीकार करने की है कि विदेशी धरती पर वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते और उन्हें अलग अलग माहौल के अनुकूल खुद को जल्दी ढालने की प्रक्रिया समझनी होगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दोनों मैच हारने वाली भारतीय टीम को पांच मैचों की सीरीज के चौथे मैच में नौ विकेट से हराकर इंग्लैंड ने 3-0 की विजयी बढ़त ले ली।
टेन डोइशे ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘’हमने खुद को ढालने के बारे में काफी बात की। यह कहना आसान है कि हमें ढलना चाहिये लेकिन हमें प्रक्रिया को समझना होगा कि इसके लिये क्या करना जरूरी है।''
उन्होंने कहा, ‘’मनोवैज्ञानिक और मानसिक तौर पर चुनौती यह है कि इस टीम को समझना होगा कि हम विदेशी हालात में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे। खिलाड़ियों को यह भी समझना होगा कि दो साल बाद ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड कप होना है।''
उन्होंने कहा, ‘’क्या हम ऐसी टीम चाहते हैं जो भारत में 250 रन बना डाले और ईडन गार्डंस पर 80 मीटर का छक्का लगाये या ऐसी टीम जो मैनचेस्टर या साउथम्प्टन या एमसीजी पर अलग हालात में भी अच्छा खेले।''
टेन डोइशे ने कहा, ‘’इन स्थानों पर हम चाहते हैं कि टीम अच्छा खेले। क्या हम ये सामंजस्य बिठाने के लिये मानसिक तौर पर तैयार हैं। यह मानसिक चुनौती है और खिलाड़ियों को इसका सामना करना होगा।''
भारतीय टीम इंग्लैंड और आयरलैंड में तेज गेंदबाजों की मददगार पिच पर जूझती नजर आई। भारत की सपाट पिचों पर बेहतरीन खेलने वाले बल्लेबाज वहां नहीं चले।
टेन डोइशे ने कहा, ‘’जोफ्रा आर्चर और जोश टंग बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। हम उस तरह से खुद को ढाल नहीं सके जिसकी बात मैं कर रहा हूं। जरूरी नहीं है कि जो भारत में काम कर रहा है, वही तरीका विदेश में भी काम करे।''
उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरे पर सिर्फ कप्तान श्रेयस अय्यर रन बना रहे हैं जो विश्व कप टीम में नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘’अधिकांश खिलाड़ी विश्व कप विजेता टीम में थे। सिर्फ श्रेयस नहीं था जो काफी रन बना रहा है। हमें इन मैचों से सबक लेकर खिलाड़ियों पर विश्वास बनाये रखना होगा। उन्होंने देश के लिए जो कुछ भी किया है, उसे देखते हुए उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना होगा।''
इंग्लैंड दौरे पर भारत का आखिरी मैच 11 जुलाई को है। इस मैच में टीम इंडिया साख बचाने उतरेगी।