चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने करनाल स्मार्ट सिटी परियोजना तथा उसकी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) की अवधि को 31 मार्च, 2027 तक बढ़ा दिया है। इससे चल रही परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा तथा निर्मित परिसंपत्तियों को संबंधित विभागों को सुचारू रूप से हस्तांतरित किया जा सकेगा। इसी तरह फरीदाबाद स्मार्ट सिटी परियोजना का भी 31 मार्च, 2027 तक विस्तार किया गया है।
इस निर्णय की जानकारी आज यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति (एसएलएचपीएससी) की बैठक में दी गई। बैठक में करनाल और फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि यह विस्तार केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप दिया गया है, ताकि पूर्णता के निकट पहुंच चुकी शेष परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके और नागरिकों को आधुनिक शहरी आधारभूत सुविधाओं का लाभ निरंतर मिलता रहे।
मुख्य सचिव ने करनाल और फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत क्रियान्वित परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए दोनों शहरों में चल रहे विकास कार्यों की गति की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन ने आधुनिक एवं तकनीक आधारित विकास पहलों के माध्यम से शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया है। इससे नागरिक सुविधाओं में सुधार हुआ है तथा लोगों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए तथा मिशन के तहत निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बैठक में जानकारी दी कि फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 916.83 करोड़ रुपये की लागत से कुल 46 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें से 32 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
इसी प्रकार करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 930 करोड़ रुपये की लागत से 122 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें से 86 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पूरी हो चुकी कई परियोजनाओं को संचालन एवं रखरखाव के लिए संबंधित विभागों को हस्तांतरित भी किया जा चुका है। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 23 परियोजनाएं तथा करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 83 परियोजनाएं संबंधित एजेंसियों को सौंपी जा चुकी हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि दोनों स्मार्ट सिटी में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत आवंटित अनुदान का सफलतापूर्वक उपयोग किया है। प्रत्येक शहर को केन्द्र सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा 50ः50 अनुपात में संयुक्त रूप से कुल 980 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह तथा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।