वाशिंगटन : अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों (रिपब्लिकन और डेमोक्रेट) के दो सीनेटरों ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य सीमापार दमन की पहली संघीय कानूनी परिभाषा तय करना, ऐसे अपराधों के लिए कड़ी आपराधिक सजा का प्रावधान करना और उनसे जुड़ी जांचों की निगरानी को एक केंद्रीय व्यवस्था के तहत लाना है।
सीनेटरों का कहना है कि विदेशी सरकारें लगातार अमेरिका की धरती पर रह रहे असंतुष्टों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को निशाना बना रही हैं, इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नया कानून जरूरी है।
'स्टॉप ट्रांसनेशनल रिप्रेशन एक्ट' नाम का यह विधेयक कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सीनेटर एडम शिफ और यूटा के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने पेश किया है। इसका उद्देश्य सीमापार दमन से जुड़े मामलों में अभियोजन चलाने के लिए नए कानूनी प्रावधान तैयार करना और अमेरिका में रहने वाले लोगों के खिलाफ विदेशी सरकारों या उनके सहयोगियों द्वारा दी जाने वाली धमकियों से निपटने के लिए संघीय सरकार की क्षमता को मजबूत करना है।
यह विधेयक ऐसे समय पेश किया गया है, जब हाल के वर्षों में कई चर्चित मामले सामने आए हैं, जिनमें विदेशी सरकारों पर विदेश में रह रहे अपने आलोचकों को डराने, उनकी निगरानी करने या उन पर हमला कराने की कोशिश करने के आरोप लगे हैं।
सीनेटरों ने जिन मामलों का उल्लेख किया है, उनमें न्यूयॉर्क में एक सिख कार्यकर्ता और अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश भी शामिल है, जिसे पिछले वर्ष एफबीआई ने विफल कर दिया था। सार्वजनिक अदालत दस्तावेजों के अनुसार, इस सिख कार्यकर्ता की पहचान एक भारतीय सरकारी कर्मचारी द्वारा की गई थी।
सीनेटरों ने चीन के हाल ही में लागू किए गए "एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस प्रमोशन" कानून का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि यह कानून चीन को अपनी सीमाओं के बाहर भी व्यक्तियों को निशाना बनाने का कानूनी आधार दे सकता है। उन्होंने ईरान पर भी आरोप लगाया कि उसने अपने समर्थक समूहों के माध्यम से अमेरिका में रहने वाले तेहरान सरकार के आलोचक पत्रकारों का अपहरण करने या उनकी हत्या करने की कोशिश की।
सीनेटर एडम शिफ ने कहा, "सीमापार दमन के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह बेहद आवश्यक है कि हम उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो अमेरिका की धरती पर असंतुष्टों और आलोचकों को डराने-धमकाने और उन पर हमला करने की कोशिश करते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक द्विदलीय प्रयास है। विभिन्न रिपोर्ट बताती हैं कि चीन जैसे देशों द्वारा अपने शासन से असहमत लोगों को डराने-धमकाने के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं।
अमेरिका में रहने वाले हर व्यक्ति के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए इस विधेयक में आवश्यक स्पष्टता और कठोर कानूनी प्रावधान हैं। मुझे उम्मीद है कि मेरे सहयोगी इसे शीघ्र पारित करेंगे।"
सीनेटर जॉन कर्टिस ने कहा, "किसी भी विदेशी सरकार को अमेरिका में रहने वाले लोगों को धमकाने या चुप कराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। चाहे वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हो, ईरानी शासन हो या कोई अन्य सत्तावादी सरकार, ट्रांसनेशनल रिप्रेशन हमारी संप्रभुता और हमारी स्वतंत्रता, दोनों पर हमला है। यह द्विदलीय विधेयक कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दोषियों को जवाबदेह ठहराने के लिए अधिक मजबूत अधिकार देता है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि अमेरिका ऐसे दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।"
इस विधेयक के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को सीमापार दमन से जुड़े किसी संघीय अपराध में दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी सजा में अधिकतम 10 वर्ष की अतिरिक्त कैद और 100,000 अमेरिकी डॉलर तक का अतिरिक्त जुर्माना जोड़ा जा सकता है।
इसके अलावा, यह प्रस्ताव पहली बार ट्रांसनेशनल रिप्रेशन की संघीय आपराधिक परिभाषा को कानून में शामिल करेगा। विधेयक के तहत ऐसे मामलों में अभियोजन की निगरानी न्याय विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के अधीन होगी, जबकि आपराधिक जांच की निगरानी एफबीआई करेगी।
वहीं, सीमापार दमन की घटनाओं को लेकर कांग्रेस को हर साल रिपोर्ट और ब्रीफिंग देना अनिवार्य होगा। संघीय एजेंसियों को ऐसे मामलों से निपटने के लिए उपलब्ध कानूनी अधिकारों की समीक्षा करने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से होने वाले सीमापार दमन का मुकाबला करने के लिए सरकार-स्तरीय समग्र रणनीति तैयार करने का निर्देश भी दिया जाएगा।
विधेयक में सीमापार दमन को ऐसे कृत्यों के रूप में परिभाषित किया गया है, जो किसी विदेशी सरकार, उसके एजेंटों या प्रॉक्सी द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से बाहर जाकर अमेरिका या अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ किए जाएं।
इनमें किसी व्यक्ति को परेशान करना, धमकाना, दबाव डालना, प्रतिशोध लेना, शारीरिक नुकसान पहुँचाना, अपहरण करना या हत्या करना शामिल है। यह उन प्रयासों को भी शामिल करता है जिनका उद्देश्य लोगों को अमेरिकी संविधान द्वारा संरक्षित अधिकारों, विशेष रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, का प्रयोग करने से रोकना हो।
हाल के वर्षों में सीमापार दमन अमेरिकी सांसदों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, क्योंकि संघीय अधिकारियों ने ऐसे कई मामलों की जांच की है जिनमें विदेशी सरकारों पर अमेरिका में रह रहे असंतुष्टों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने की कथित साजिशों के आरोप लगे हैं।