नई दिल्ली/कटरा : जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के यात्रा मार्ग पर हुए विनाशकारी भूस्खलन में मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है । यह दुखद घटना अर्धकुवारी गुफा मंदिर के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय पर हुई, जहां भारी बारिश के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर यात्रा मार्ग पर आ गिरा । इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने जताया शोक, प्रशासन को दिए निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को "दुखद" बताते हुए 'X' पर एक पोस्ट में अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, "श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर भूस्खलन के कारण हुई जनहानि दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन सभी प्रभावितों की सहायता कर रहा है। मैं सभी की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं।"
गृह मंत्री शाह ने लिया स्थिति का जायजा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना को "अत्यंत दुखद" करार दिया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही NDRF की टीमों को मौके पर भेज दिया गया था। शाह ने 'X' पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के कारण हुई भूस्खलन की घटना अत्यंत दुखद है। इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन घायलों की सहायता के लिए राहत और बचाव कार्यों में लगा हुआ है।"
बचाव कार्य जारी, कई ट्रेनें रद्द
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) और स्थानीय प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है । मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण क्षेत्र में रेल सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
चक्की नदी में मिट्टी के कटाव और अचानक आई बाढ़ के कारण पठानकोट कैंट और कंदरोरी के बीच डाउन लाइन पर यातायात निलंबित कर दिया गया है, जिससे 18 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है ।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। पूरा प्रशासन इस समय राहत और बचाव कार्यों में लगा हुआ है ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके।