शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में लोग दवाइयों और बेहतर इलाज के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की तरफ से नि:शुल्क दवा नीति के तहत भेजी जा रही राशि का राज्य सरकार सदुपयोग नहीं कर पा रही है। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार अपने कार्यकाल में केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए सैंकड़ों करोड़ रुपए सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के वापस कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। ऐसे समय में केंद्र सरकार हिमाचल को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भरपूर सहयोग दे रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार लगातार केंद्र पर हिमाचल को सहयोग न देने का आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सामने आए आंकड़े राज्य सरकार के दावों की पोल खोलते हैं।
अतारांकित प्रश्न संख्या 1777 के जवाब में सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा नि:शुल्क दवा योजना के तहत पिछले 3 वर्षों में 211.29 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए, जिनमें से केवल 165.60 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए, जबकि 45.69 करोड़ रुपए यानी लगभग एक-चौथाई राशि खर्च नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में केंद्र द्वारा हिमाचल को 80.10 करोड़ रुपए में से 66.22 करोड़ रुपए, वर्ष 2025-26 में 95.30 करोड़ रुपए में से 74.31 करोड़ रुपए और वर्ष 2026-27 में 1 अगस्त, 2026 तक 35.89 करोड़ रुपए में से 25.07 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवा में बजट का उपयोग न कर पाना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि इसका सीधा खमियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की मदद में कोई कमी नहीं छोड़ रही है, लेकिन राज्य सरकार अपनी प्रशासनिक अक्षमता का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ने में लगी है।