शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा से घर को हुए नुक्सान की भरपाई के लिए सरकार 7 लाख रुपए देगी। उन्होंने यह जानकारी विधायक बिक्रम सिंह की तरफ से शून्यकाल के दौरान ऊना जिला के पीरनिगाह (पीर सुलई) और उसके आसपास के क्षेत्रों में मानसून की भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही का उत्तर देते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरे मामले का अध्ययन करेगी और डी.सी. से इसकी रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। पात्र पाए जाने पर सरकार प्रभावितों को विशेष आपदा राहत पैकेज के तहत मुआवजा देगी।
जीत राम कटवाल ने उठाया आईआरडीपी सर्वे का मामला
विधायक जीत राम कटवाल ने शून्यकाल के दौरान आईआरडीपी सर्वे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कई लोग, जिन्होंने एक दिन भी मनरेगा में काम नहीं किया है, वे इस श्रेणी में नहीं आ पा रहे हैं। उनके क्षेत्र में 25 से 27 वर्ष की 3 ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने हाल ही में अपने पतियों को खोया है और वे पात्रता की श्रेणी में नहीं आ पा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में पात्र लोगों को आय प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं तथा बहुत से पात्र व्यक्तियों को सूची से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले की अपेक्षा इस बार सिर्फ 33 फीसदी लोग आईआरडीपी के पात्र पाए गए हैं।
20 सितम्बर तक हो सकेगा आईआरडीपी चयन : अनिरुद्ध
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आईआरडीपी के 9वें चरण का काम 20 सितम्बर तक चलेगा, जिसमें पात्र लोगों को शामिल किया जाएगा। सरकार ने सभी डीसी को इस बारे में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि आईआरडीपी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित एसडीएम और बीडीओ को शामिल किया गया है। इसके लिए 75 हजार रुपए की आय सीमा निर्धारित की गई है।