चंडीगढ़ : हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया गया राज्यव्यापी मेगा पौधरोपण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से 5 जून से 5 अगस्त 2026 तक प्रदेशभर में 15,17,985 पौधे लगाए गए। अभियान का लक्ष्य करीब 15 लाख पौधे लगाने का था, जिसे निर्धारित संख्या से अधिक पौधे लगाकर हासिल किया गया।
यह अभियान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक सिबल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में चलाया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को अभियान की शुरुआत की गई थी।
15 लाख का लक्ष्य पार, 15.17 लाख पौधे रोपे
मानसून के दौरान प्रदेश में बड़े स्तर पर पौधरोपण के लिए करीब 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अभियान के समापन तक विभिन्न जिलों में 15 लाख 17 हजार 985 पौधे लगाए गए। इस तरह निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधरोपण कर अभियान ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
न्यायमूर्ति दीपक सिबल ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित और भविष्य को हरित बनाने के लिए सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है।
पौधे लगाना ही नहीं, उनकी देखभाल भी जरूरी
अभियान के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पौधरोपण की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से तय नहीं होनी चाहिए। पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल, सिंचाई और उनके संरक्षण की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
न्यायमूर्ति सिबल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा निर्धारित पौधरोपण लक्ष्यों को वास्तविक और व्यावहारिक रखने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि जितने पौधे लगाए जाएं, उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे पौधरोपण अभियान महज आंकड़ों तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ में परिवर्तित हो सकेगा।
कोर्ट परिसर से सार्वजनिक स्थलों तक पौधरोपण
अभियान के तहत हरियाणा के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSAs) ने पौधरोपण गतिविधियों में भाग लिया। कोर्ट परिसरों, वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्रों (ADR Centres), न्यायिक आवासीय परिसरों तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाए गए।
इन गतिविधियों को वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर संचालित किया गया। पौधरोपण में स्थानीय और देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। इसके अलावा औषधीय, फलदार और छायादार पौधे भी लगाए गए, ताकि पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जैव विविधता को भी बढ़ावा मिल सके।
न्यायिक संस्थाओं, वन विभाग और स्वयंसेवकों की भागीदारी
राज्यव्यापी अभियान को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वन विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवकों तथा अन्य संबंधित लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई। विभिन्न स्तरों पर हुए समन्वित प्रयासों से पौधरोपण को एक संस्थागत अभियान का स्वरूप मिला।
अभियान की सफलता को न्यायिक संस्थाओं और सरकारी विभागों के बीच समन्वय का परिणाम माना जा रहा है। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी के बजाय व्यापक सामाजिक सरोकार के रूप में सामने लाने का प्रयास किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति HALSA की प्रतिबद्धता
हरियाणा में 15,17,985 पौधों का रोपण HALSA की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभियान ने यह भी साबित किया कि विभिन्न संस्थाएं साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होकर काम करें तो बड़े स्तर पर पर्यावरणीय लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
अब अभियान की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लगाए गए पौधों की कितनी संख्या सुरक्षित रहती है और वे आने वाले वर्षों में पेड़ों का रूप ले पाते हैं। इसके लिए पौधों की नियमित निगरानी, संरक्षण और देखभाल को अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।