पटियाला : पटियाला शहर को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को ‘मेरा पटियाला, मैं ही संवारूं’ अभियान की शुरुआत की गई। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, नगर निगम कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सड़क पर उतरकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान शहरवासियों को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत बनाने का संदेश दिया गया। ‘मेरा पटियाला, मैं ही संवारूं’ अभियान में पटियाला के मेयर कुंदन गोगिया, सीनियर डिप्टी मेयर हरिंदर कोहली, डिप्टी मेयर, ज्वाइंट कमिश्नर, एडीसी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इसके विभिन्न एनजीओ और सामाजिक संगठनों ने भी सफाई अभियान में भाग लिया। पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ‘मेरा पटियाला, मैं ही संवारूं’ अभियान की शुरुआत की गई है और इसे केवल दस दिन की सफाई मुहिम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर को वास्तव में स्वच्छ बनाने के लिए लोगों को सफाई को अपनी आदत बनाना होगा। उन्होंने पटियाला के लोगों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपने स्तर पर सफाई के लिए टीमें गठित करें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का लक्ष्य होना चाहिए कि उसकी गली, मोहल्ला, वार्ड और गांव सबसे साफ-सुथरा हो। अगर शहर के हर नागरिक की सोच और जिम्मेदारी इसी दिशा में हो जाए तो पटियाला को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों में शामिल किया जा सकता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पटियाला में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था शुरू हो चुकी है। उन्होंने लोगों से खुले में कचरा नहीं फेंकने और गीले व सूखे कचरे का उचित तरीके से निपटारा करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि धार्मिक सामग्री के निपटारे के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है, ताकि धार्मिक वस्तुओं को खुले स्थानों पर फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से सम्मानपूर्वक निपटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि लोग पटियाला, पंजाब, देश और दुनिया को बदलने की बातें कर सकते हैं, लेकिन स्वच्छता की वास्तविक शुरुआत अपने घर, गली और मोहल्ले से करनी होगी। सामूहिक प्रयासों से ही शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने एच1 एन1/फ्लू को लेकर भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं और पंजाब के कुछ शहरों में भी मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और अधिकांश मामले हल्के हैं, लेकिन लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लगातार खांसी, जुकाम या बुखार जैसे फ्लू के लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही दवा लेनी चाहिए। छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, कैंसर मरीजों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। उन्होंने बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने की अपील भी की।
नेपाल में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। प्रभावित पंजाबियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।