शिमला : कांग्रेस उम्मीदवार कांगड़ा के जिला कांग्रेस समिति अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित राज्य विधानसभा परिसर में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। अनुराग शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और सत्ताधारी दल के कई कैबिनेट मंत्रियों व विधायकों सहित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में चुनाव अधिकारी के सामने नामांकन प्रस्तुत किया। पार्टी नेताओं ने इस क्षण को चुनाव से पहले एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में वर्णित किया।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने गुरुवार सुबह राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए अनुराग शर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था, जिससे पिछले कई दिनों से चल रही अटकलें समाप्त हो गयी थीं। उनके नामांकन को पार्टी नेतृत्व के एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वे कई वर्षों से पार्टी के भीतर संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अनुराग शर्मा ने उन पर भरोसा जताने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह उच्च सदन में हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और राज्य के हितों की रक्षा के लिए प्रयास करेंगे।
अनुराग शर्मा ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका सार्वजनिक जीवन से लंबा जुड़ाव रहा है। उनके पिता दिग्गज नेता पंडित संत राम के करीबी सहयोगी थे। वह दशकों तक सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। अनुराग शर्मा स्वयं 1990 के दशक के मध्य से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने जिला व राज्य स्तर पर पार्टी के भीतर विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाली हैं।
68 सदस्यीय हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के पास आरामदायक बहुमत होने के कारण राज्यसभा के लिए अनुराग शर्मा का निर्वाचन औपचारिकता मात्र होने की उम्मीद है, जब तक कि कोई अप्रत्याशित मुकाबला सामने न आए। राज्य से उच्च सदन के लिए चुनाव 16 मार्च को होने वाला है, जबकि पांच मार्च नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि थी।