बठिंडा : बीबीवाला रोड पर शनिवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब करीब 35 बच्चों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल की वैन अचानक आग की चपेट में आ गई। इंजन से धुआं निकलते ही वैन में बैठे बच्चों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। चालक बब्बू ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत वैन सड़क किनारे रोक दी और बच्चों को पीछे की ओर जाने को कहा।
देखते ही देखते वैन के अंदर भर गया धुआं
वैन रुकते ही आग तेजी से फैलने लगी और देखते ही देखते धुआं वैन के अंदर भर गया। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चों को बाहर निकालने के लिए मोर्चा संभाल लिया। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत मेहता और उनकी टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर पास के एक कमरे में बैठाया। धुआं इतना ज्यादा था कि बच्चों को बाहर निकालने में भी मुश्किल आ रही थी। लोगों ने वैन के शीशे तक तोड़ दिए, ताकि अंदर भरा धुआं बाहर निकल सके। चालक ने भी अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आसपास के दुकानदार भी तुरंत अपने अग्निशमन सिलेंडर लेकर पहुंच गए और आग बुझाने में मदद की।
घटना में किसी भी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पीसीआर की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है। पीसीए अध्यक्ष अमरजीत मेहता ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं। वहीं चालक बब्बू के अनुसार, इंजन से धुआं निकलते ही उसने बिना समय गंवाए वैन रोककर बच्चों को बाहर निकालना शुरू कर दिया था। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण तकनीकी खराबी माना जा रहा है। घटना की खबर मिलते ही बच्चों के अभिभावकों में भी हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में अभिभावक मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर स्कूल वैन में इतने बच्चों को ले जाते समय तकनीकी खराबी कैसे सामने आई और क्या वैन की समय पर जांच हुई थी? इस घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।