NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी राजनीतिक घमासान और छात्रों के प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब दिया है। प्रधानमंत्री ने इस पूरे कांड को घोर पाप करार दिया है। साथ ही उन्होंने छात्रों को भरोसा दिया है कि इसकी निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जैसे ही नीट परीक्षा में अनियमितता का मामला सामने आया कि सरकार ने तुरंत और सक्रियता से कदम उठाए हैं। सूत्रों का कहना है कि मामला सामने आते ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी ली और व्यवस्था में सुधार के लिए कई कड़े कदम उठाए। वहीं, विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को सरकार ने राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
प्रधानमंत्री ने छात्रों को दिलाया भरोसा
विवाद गहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई की गई है ताकि भविष्य में कोई भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को 'घोर पाप' करार दिया और दोषियों को बख्शे न जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का है, जिसमें केंद्र और सभी राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।
पीएम ने एनडीए (NDA) सांसदों से कहा कि वे युवाओं का विश्वास जीतें। उन्होंने कहा कि छात्रों को गुमराह करना आसान है, लेकिन सही रास्ता दिखाना कठिन, इसलिए किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
राहुल ने केंद्र के खिलाफ खोला मोर्चा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक विवाद और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए राहुल गांधी ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह का तत्काल इस्तीफा, संसद में इस मुद्दे पर बिना किसी देरी के विस्तृत चर्चा, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई, छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक माफी और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की पुख्ता गारंटी की मांग की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य का शोषण कर रही है और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है।
13 से अधिक गिरफ्तारियां
सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नीट धांधली की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए मामला तुरंत सीबीआई (CBI) को सौंप दिया गया था। जांच एजेंसी अब तक इस मामले में 13 से अधिक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके साथ ही, सरकार ने दोहराया है कि वह संसद में इस विषय पर किसी भी समय विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। विपक्ष इसकी मांग कर रहा है।
इस्तीफा नहीं देंगे धर्मेंद्र प्रधान
चौतरफा हमलों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "जब सरकार संसद में इस मुद्दे पर पूरी तरह से चर्चा कराने के लिए तैयार है तब भी कांग्रेस लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक नाटक चुन रही है। उनका मकसद छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना कभी था ही नहीं, वे केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने और बाधा डालने के लिए हंगामा कर रहे हैं।"