हिमाचल प्रदेश में बरसात से हो रहा नुकसान थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश में बीती रात से अभी तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की सूचना है। खासकर मंडी, कुल्लू व किन्नौर जिलों में भारी बारिश की वजह से नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को जिला मंडी, कुल्लू और किन्नौर में लगातार भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित जिला के उपायुक्तों से व्यक्तिगत रूप से बात कर क्षति की विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवरुद्ध सडक़ों की बहाली एवं राहत कार्य में तेजी लाने को भी कहा है। उन्होंने लोगों से नदियों और नालों से दूर रहने और समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कढ़ाई से पालन करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कठिन समय में प्रदेश सरकार पूरे संकल्प के साथ लोगों के साथ खड़ी है।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में बरसात से हो रहे नुकसान का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। रविवार सुबह तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 2144 करोड़ रूपए तक का नुकसान आंका गया है और 261 लोगों की विभिन्न हादसों में मौत हो चुकी है। अभी भी बरसात का दौर जारी है। हालांकि मॉनसून के धीमा पडऩे की बात मौसम विभाग ने की है मगर फिर भी कुछ जिलों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट दिया गया है। अभी एक दो दिन बारिश का दौर यूं ही जारी रहेगा मगर इसके बाद फिर मौसम में बदलाव आना शुरू हो जाएगा। फिलहाल प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हिमाचल के कई जिला ऐसे हैं जो संकट के दौर से गुजर रहे हैं। राजधानी शिमला में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है जिससे नुकसान हो रहा है।
मॉनसून के इस सीजन में अब तक 37 लोग लापता ही हैं वहीं 332 लोग घायल हो चुके हैं। 278 पक्के मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जबकि 288 कच्चे मकान भी पूरी तरह तबाह हुए हैं। इनके अलावा प्रदेश में 703 पक्के मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है तो वहीं 1116 कच्चे मकानों को भी आंशिक नुकसान उठाना पड़ा है। नुकसान का यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने तीन जिलों के डीसी को राहत एवं पुर्नवास कार्यों में तेजी लाने को कहा है।