भिवानी : हरियाणा के भिवानी जिले के बहुचर्चित लेडी टीचर मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर आज एक बार फिर माहौल गरमा गया है। गांव ढाणी लक्ष्मण में आयोजित सर्वजातीय खाप महापंचायत में पीड़ित परिवार और स्थानीय समाज ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
जांच की धीमी रफ्तार और सीबीआई (CBI) की चुप्पी से आहत होकर मृतका मनीषा के पिता ने महापंचायत के मंच से एक बेहद भावुक अपील करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो वे आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठ जाएंगे।
महापंचायत में उपस्थित जनसैलाब को संबोधित करते हुए मनीषा के पिता संजय भावुक हो गए। उन्होंने रोते हुए समाज से हाथ जोड़कर कहा, "मेरी बेटी के साथ क्रूरता हुई, लेकिन इतने महीने बीत जाने के बाद भी हमें सिर्फ आश्वासन मिले हैं। न्याय के लिए मेरी मदद करें, मैं इंसाफ के लिए अपनी जान दांव पर लगाने को तैयार हूँ।"
सीबीआई (CBI) की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल: परिवार और खाप नेताओं का आरोप है कि मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद भी जांच में कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है। 9 जून को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल होनी है, जिससे पहले परिवार का यह कदम प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
36 बिरादरी का मिला समर्थन
इस महापंचायत में सर्वजातीय श्योराण खाप के प्रतिनिधियों सहित हरियाणा की विभिन्न खापों, सामाजिक संगठनों और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। समाज ने एक सुर में पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि इस लड़ाई में पूरा हरियाणा उनके साथ खड़ा है।
क्या है लेडी टीचर मनीषा मामला?
यह पूरा मामला अगस्त 2025 का है, जब भिवानी के सिंघानी गांव के एक प्ले स्कूल में पढ़ाने वाली 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। 13 अगस्त 2025 को उसका शव सिंघानी गांव के ही एक खेत में मिला था, जिसके शरीर पर चोट के गहरे निशान थे।शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की, जिससे पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश फैल गया था। जनता के भारी विरोध, इंटरनेट शटडाउन और हिंसक प्रदर्शनों के बाद हरियाणा सरकार ने तत्कालीन एसपी को हटा दिया था और 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच सीबीआई को सौंप दी थी। तीन बार हुए पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट के बावजूद मौत की असली वजह और मुख्य दोषियों का पर्दाफाश होना अभी बाकी है।