धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के निदेशक एवं कांग्रेस नेता पुनीत मल्ली ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह साबित हो गया है कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं के सवालों को हमेशा दबाया नहीं जा सकता। पुनीत मल्ली ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लगातार संसद और सड़क पर छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों तथा बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग की, जिसके दबाव में आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर रही है। राहुल गांधी ने लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों की भावनाओं को देश के सामने रखा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की।
यह केवल किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है। मल्ली ने कहा कि अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार करे, ताकि भविष्य में छात्रों को किसी प्रकार की अनिश्चितता या अन्याय का सामना न करना पड़े। मल्ली ने कहा कि हिमाचल में भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू युवाओं के हित में काम कर रहे हैं। सरकार ने सूबे में भर्तियों को पारदर्शी बनाया है, जबकि भाजपा शासनकाल में पेपर लीक होते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगे भी युवाओं, छात्रों और बेरोजगारों के हितों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।