शिमला : हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए नौकरी की राह अब बेहद आसान होने जा रही है। युवाओं के हुनर को सीधे उद्योगों की मांग से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म तकनीकी रोजगार सेतु पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल जॉब सर्च और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी, तेज और डिजिटल बनाएगा।
इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह छात्रों, तकनीकी संस्थानों और कंपनियों (नियोक्ताओं) को एक ही मंच पर ले आया है। युवा इस पोर्टल पर अपनी प्रोफैशनल प्रोफाइल बना सकेंगे, अपने स्किल्स, ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट अपलोड कर सकेंगे। साथ ही, वे पोर्टल पर उपलब्ध नौकरियों के लिए सीधे आवेदन कर अपनी प्लेसमैंट का स्टेटस भी ट्रैक कर सकेंगे। वहीं, कंपनियों के लिए भी यह एक बेहतरीन टूल है, जहां वे खुद को रजिस्टर कर रिक्तियां निकाल सकेंगी, योग्य उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगी और भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लॉन्चिंग के साथ ही इस पोर्टल ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक राज्य के 164 तकनीकी संस्थानों को इससे जोड़ा जा चुका है। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 18 पॉलिटैक्निक, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि हिम एक्सैस इंटीग्रेशन पोर्टल के जरिए अब तक 26,168 छात्रों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जिनमें से 23,054 युवाओं की 'स्किल मैपिंग' पूरी कर ली गई है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए 97 कंपनियां भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं।
यह पोर्टल सिर्फ फुल-टाइम नौकरियों तक सीमित नहीं है। सीएम ने बताया कि इसके जरिए इलैक्ट्रिशियन, प्लंबर जैसे कुशल तकनीकी कामगारों को शॉर्ट-टर्म (अल्प अवधि) कार्यों के लिए भी आसानी से हायर किया जा सकेगा। इसके अलावा, तकनीकी संस्थानों को भी एक खास डैशबोर्ड मिलेगा, जिसके जरिए वे अपने छात्रों का पूरा रिकॉर्ड रख सकेंगे, उनकी प्रोफाइल अप्रूव कर सकेंगे और उनके प्लेसमेंट की रियल-टाइम निगरानी कर सकेंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम सुशासन को मजबूत करने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार देने के लिए तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल कर रहे हैं। यह पोर्टल इंडस्ट्री की डिमांड और युवाओं के हुनर के बीच शानदार समन्वय स्थापित करेगा, जिससे हिमाचल के युवाओं की रोजगार क्षमता में भारी इजाफा होगा।