शिमला : हिमाचल प्रदेश में मानसून ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है और मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई के लिए राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। सोमवार को चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर में भारी वर्षा का रेड अलर्ट रहेगा, वहीं ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला और सोलन में ओरेंज अलर्ट रहेगा। इसके अलावा किन्नौर और लाहुल स्पिती में एक-दो स्थानों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मंगलवार 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर व कुल्लू में रेड अलर्ट है, वहीं ऊना, हमीरपुर, शिमला में भारी वर्षा का ओरेंज अलर्ट रहेगा, जबकि बाकी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। 22 जुलाई के लिए ओरेंज अलर्ट तथा 23 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 24 और 25 जुलाई को मौसम में कुछ राहत मिलने का अनुमान है। लगातार सक्रिय मानसून के चलते भू-स्खलन, अचानक बाढ़, नालों के उफान और सडक़ें बंद होने जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
बारिश के कारण किन्नौर जिले के सांगला क्षेत्र में शनिवार रात को फ्लैश फ्लड ने कोहराम मचाया। रक्छम के मस्तरंग में आईटीबीपी कैंप के पास नाले में अचानक फ्लैश फ्लड आने से सांगला-छितकुल सडक़ बुरी तरह प्रभावित हो गई। तेज बहाव से आईटीबीपी कैंप की एक गुमटी को नुकसान पहुंचा और रक्छम-छितकुल मार्ग पर यातायात रोकना पड़ा। रक्छम में आए इस फ़्लैश फ्लड ने आईटीबीपी कैंपस में तबाही मचाई। प्रशासन के अनुसार इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। उधर, चंबा जिला में लगातार बारिश के कारण पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग बत्ती हट्टी (कुमनाला) और दुर्गेठी के पास भू-स्खलन और मलबा आने से बंद हो गया। उधर, चंबा-शिमला बाया सिहुंता राजमार्ग पनियाला नाला के पास पहाड़ी दरकने से अवरुद्ध हो गया।
धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक बारिश धर्मशाला में 82.2 मिलीमीटर रिकार्ड की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 57.9 मिमी, पांवटा साहिब में 33.0, पालमपुर में 27.1, भटियात में 22.2, जोत में 20.0, हमीरपुर में 13.5, सुंदरनगर और मशोबरा में नौ-नौ मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा भरमौर, मंडी, देहरा गोपीपुर, शिमला, मनाली, धौलाकुआं, कुफरी, जुब्बड़हट्टी, नारकंडा में भी बारिश हुई है।