शिमला : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हिमाचल प्रदेश ने जिला कांगड़ा के देहरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक होशियार सिंह चंब्याल के विरुद्ध सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के संबंध में प्राप्त शिकायत पर जांच उपरांत प्राथमिकी एफआईआर नंबर 05 ऑफ 2026 दर्ज की है। यह शिकायत होशियार सिंह चंब्याल की एक कंपनी के कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत की गई थी, जो उपरोक्त लाभार्थियों में भी शामिल हैं। प्राथमिक जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, संबंधित लाभार्थियों के बैंक अभिलेखों, सरकारी दस्तावेजों तथा शिकायतकर्ताओं एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों का परीक्षण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2023 एवं 2024 के दौरान विधायक ऐच्छिक निधि के अंतर्गत कुछ व्यक्तियों के नाम पर वित्तीय सहायता स्वीकृत एवं जारी की गई, जबकि शिकायतकर्ता सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों ने कथित रूप से ऐसी किसी सहायता के लिए आवेदन नहीं किया था। जांच के दौरान इन लाभार्थियों ने यह भी कथित रूप से कहा कि सहायता राशि उनके बैंक खातों में आने के बाद नकद निकालकर पूर्व विधायक के निर्देशानुसार उन्हें सौंप दी गई।
सत्यापन के दौरान संकलित दस्तावेजी साक्ष्यों एवं बैंक अभिलेखों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह परिलक्षित हुआ कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया तथा लाभार्थियों के नाम पर स्वीकृत राशि का वास्तविक लाभ उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। उपलब्ध सामग्री से प्रथम दृष्टया आपराधिक न्यासभंग एवं छल से संबंधित अपराधों के तत्व परिलक्षित होने पर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धाराओं 409 एवं 420 के अंतर्गत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो धर्मशाला में एफआईआर संख्या 05/2026 दिनांक 16.07.2026 दर्ज कर विधि अनुसार अन्वेषण प्रारंभ किया गया है।
अन्वेषण के दौरान प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार पर अन्य व्यक्तियों की भूमिका तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अथवा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत किसी अतिरिक्त अपराध की संभावना का भी परीक्षण किया जाएगा। जांच पूर्णत: निष्पक्ष, पारदर्शी एवं साक्ष्य-आधारित ढंग से की जाएगी तथा किसी भी व्यक्ति की उत्तरदायित्व का निर्धारण केवल उपलब्ध साक्ष्यों एवं कानून के अनुरूप किया जाएगा। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पुन: स्पष्ट करती है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार अथवा जनविश्वास को प्रभावित करने वाले किसी भी अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। कानून के समक्ष सभी व्यक्ति समान हैं तथा किसी भी मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित करना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की सर्वोच्च प्राथमिकता है।