चंडीगढ़: हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और बालीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत की नई फिल्म ‘एमर्जेंसी’ की पंजाब में रिलीज रोकने की मांग की गई है। एडवोकेट इमान सिंह खारा ने इसके लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में पिटीशन दायर की है। इस पिटीशन में उन्होंने कहा कि कंगना ने फिल्म में सिखों को गलत तरीके से पेश किया है। इस याचिका पर एक-दो दिन में सुनवाई हो सकती है। पिटीशन दायर करने वाले इमान खारा असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के वकील हैं। वहीं, बठिंडा में थियेटर के बाहर सिखों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कंगना रणौत का पुतला जलाया। सिखों का कहना है कि फिल्म पर रोक लगाई जाए। उधर, पंचकूला में आम आदमी पार्टी ने भी विरोध प्रदर्शन किया। नेताओं ने कहा कि पार्टी किसानों के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। इससे पहले सोमवार को कंगना को विक्की थॉमस मसीह की तरफ से सिर कलम करने की भी धमकी दी जा चुकी है। वायरल वीडियो में विक्की थॉमस धमकाते हुए कह रहा है कि इतिहास को बदला नहीं जा सकता। अगर सिखों को आतंकवादी दिखाया गया, तो अंजाम के लिए तैयार हो जाना। जिसकी फिल्म कर रही है, उसकी क्या सेवा होगी।
सतवंत सिंह व बेअंत सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर गोलियां बरसाने वाले) कौन थे, वे रोल भी करने के लिए तैयार हो जाना। ये मैं दिल से बोल रहा हूं, क्योंकि अंगुली जो हमारी तरफ करता है, वे अंगुली ही झटका (काट) देते हैं हम। उस संत (जरनैल सिंह भिंडरांवाला) के लिए हम अपना सिर कटवा भी देंगे। अगर सिर कटवा सकते हैं, तो काट भी सकते हैं। उधर, एसजीपीसी ने भी फिल्म एमर्जेंसी के लिए कंगना रणौत और फिल्म के निर्माता को नोटिस भेज दिया है। नोटिस में कंगना समेत फिल्म के निर्माताओं से सार्वजनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जारी ट्रेलर को हटाने और सिख समुदाय से लिखित माफी मांगने को कहा गया है। उधर, किसान आंदोलन पर दिए बयान को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि भले ही भाजपा ने नेशनल लेवल पर कंगना के बयान से किनारा कर लिया है, लेकिन, कंगना भाजपा की एमपी है। उस पर अनुशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा को बोलना चाहिए कि कंगना इस बयान पर खुद माफी मांगे और कंगना को खुद सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। पंधेर ने कहा कि कंगना के बयान के विरोध में किसान 31 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे।