पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोपों में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी मोहाली फेज 1 से की गई है। जानकारी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी ISI के लिए लंबे समय से जासूसी कर रहा था। पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी प्राप्त हुई। ऐसे में जांच के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की गई है।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी पंजाब के संवेदनशील इलाकों और बिल्डिंग्स आदि के नक्शे पिछले 3 साल से ज्यादा समय से ISI तक पहुंचा रहा था। पुलिस पता लगाने में जुटी हुई है कि आरोपी ने किस प्रकार की संवेदनशील जानकारियां बार्डर पार तक पहुंचाई और इनका मकसद क्या था।
पकड़े गए जासूस का नाम तपिंदर सिंह(40) बताया जा रहा है। वह सेक्टर 40-डी में मकान नंबर 3397/1 में रह रहा था। आरोपी को गिरफ्तारी के बाद कागजी कार्रवाई कर तुरंत मोहाली कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे 19 दिसंबर तक 4 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
ISI समेत SFJ हैड्स से व्हट्एप पर कालिंग
सूत्रों के मुताबिक आरोपी ISI समेत प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) को संवेदनशील तस्वीरें और वीडियो भेजता था। आरोपी जासूस ISI के एक मेजर समेत SFJ के परमजीत सिंह उर्फ पम्मा से वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए संपर्क साधे हुए था। अब पुलिस उससे 4 दिनों के रिमांड में उसका नेटवर्क और संभावित आपराधिक वारदातों का पता लगाएगी। वहीं पुलिस यह भी पता लगाएगी कि उसके अलावा इस जासूसी में कौन-कौन शामिल है।
जानकारी देने पर मोटी रकम मिलती थी
पुलिस के मुताबिक आरोपी को यह संवेदनशील जानकारी देने के बदले मोटी रकम दी जाती थी। ऐसे में पुलिस उसके बैंक खाते और घर पर रेड कर जानकारी जुटाने में लग गई है। पता चला है कि तपिंदर सिंह चंडीगढ़ में ही रह रहा था। उसकी हरकतों पर स्पेशल सेल की पूरी नजर थी और उसकी सारी गतिविधियां नोट की जा रही थी। ऐसे में बीते बुधवार रात उसकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इनमें पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं। सेल उन नंबर्स का पता लगा रहा है। वहीं आरोपी की कॉल डिटेल्स भी खंगाली जाएगी।
थानों और आर्मी बेस की जानकारियां दी थी
खुफिया जानकारी के मुताबिक वह देश की कई संवेदनशील जगहों की जानकारी बार्डर पार भिजवा रहा था। इसमें पुलिस थानों और आर्मी बेस कैंप से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी। इसे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति खतरा बताया गया था। आरोपी को मोहाली फेज 1 से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत पुलिस स्टेशन SSOC, मोहाली में केस दर्ज किया गया है।
फेसबुक के जरिए जुड़ा देश विरोधी संगठनों से
पुलिस ने बताया कि आरोपी चंडीगढ़ में ही पला-बढ़ा है। उसने खालसा कॉलेज, सेक्टर 26 से MA पंजाबी और पंजाब यूनिवर्सिटी से 2018 में MA पॉलिटिकल साईंस की। वह फेसबुक के जरिए देश विरोधी संगठनों के साथ जुड़ा। इसके बाद विरोधी संगठनों ने उसे अपने वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया। इसके बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने उसे अपना स्पाई बना लिया। उसे पंजाब व आसपास के पुलिस और आर्मी बेस की जानकारी देने की जिम्मेदारी मिली थी।
SSOC की बिल्डिंग की वीडियो भी भेजी
पुलिस के मुताबिक वह पिछले 3 साल से ज्यादा समय से जासूसी कर रहा था। उसने कई संवेदनशील दस्तावेज, लोकेशन, फोटोग्राफ और अन्य जानकारी आगे पहुंचाई थी। उसके मोबाइल में ISI एजेंट्स के साथ बातचीत, विभिन्न थानों की फोटो और लोकेशन, SSOC बिल्डिंग की रेकी और वीडियो बना आगे ISI को भेजने की जानकारी मिली है। वहीं काफी संवेदनशील जानकारी उसने मोबाइल से डिलीट कर दी थी।
RPG अटैक में रोल की जांच
हाल ही में तरन तारन और कुछ महीने पहले मोहाली में पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस हैडक्वार्टर में हुए RPG अटैक में भी तपिंदर की भूमिका की जांच की जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि उसकी भेजी गई फोटो और वीडियो से लोकेशन पता कर आतंकी संगठनों से RPG अटैक किया होगा