हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जिस निगम का गठन युवाओं को रोजगार, कर्मचारियों को सम्मान और ठेकेदारी प्रथा से मुक्ति दिलाने के नाम पर किया गया था, वह आज अस्थायी रोजगार, असुरक्षा और शोषण का माध्यम बनकर रह गया है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में हरियाणा कौशल रोजगार निगम की स्थापना और 2022 में इसके काम शुरू होने के बाद सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। सरकार ने “समान काम-समान वेतन”, ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।
उन्होंने कहा कि सरकार 2024 के अपने संकल्प पत्र में करीब 1.20 लाख रोजगार देने का दावा करती है, लेकिन रोजगार के आंकड़ों की वास्तविकता सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। फरवरी 2026 तक करीब 14.63 लाख युवाओं ने HKRN में पंजीकरण कराया, जबकि केवल 1.13 लाख लोगों को तैनाती मिली। इनमें 97,051 पहले से कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में सरकार द्वारा बताए जा रहे रोजगार के आंकड़ों में नए रोजगार की वास्तविक संख्या बेहद कम है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 में नई तैनाती का आंकड़ा महज 7,367, वर्ष 2025 में 1,034 और वर्ष 2026 में अब तक केवल 66 लोगों की तैनाती हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि लाखों पंजीकृत युवाओं के बावजूद सरकार रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि पब्लिक हेल्थ, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विभागों में हुई सीमित तैनातियों को व्यापक रोजगार सृजन के रूप में प्रचारित करना युवाओं की आंखों में धूल झोंकने के समान है।
19 अगस्त को HKRN कार्यालय का घेराव
राव नरेंद्र सिंह ने घोषणा की कि 19 अगस्त 2026 को सेक्टर-6, चंडीगढ़ स्थित HKRN कार्यालय, प्रिंटिंग प्रेस के समीप, ‘युवाओं की गूँज’ अभियान के तहत विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम के संयोजक पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा होंगे। धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी और बेरोजगार युवा शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी ने देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाया है, उसी तरह हरियाणा कांग्रेस भी प्रदेश के युवाओं के रोजगार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी। उन्होंने मीडिया से भी युवाओं और कर्मचारियों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
TGT भर्ती में नियुक्ति देकर हटाना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
राव नरेंद्र सिंह ने TGT शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि हरियाणा लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में कोई त्रुटि थी तो उसकी जिम्मेदारी अभ्यर्थियों पर नहीं डाली जा सकती। पहले नियुक्ति देना और बाद में नियुक्ति रद्द कर युवाओं को बाहर करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि गलती प्रशासनिक स्तर पर हुई थी तो उसकी सजा हजारों अभ्यर्थियों को क्यों दी जा रही है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावित शिक्षकों को न्याय देना चाहिए।
हर सुबह अपराध की खबर, कानून-व्यवस्था पर सरकार विफल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाओं को लेकर जनता के भीतर भय और असुरक्षा का माहौल है। आए दिन हत्या, हिंसा और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, क्योंकि जनता का सुरक्षित वातावरण में जीना किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी है।
सरकार बताए सर्विस चार्ज से अब तक कितनी राशि जुटाई
आदित्य सुरजेवाला विधायक आदित्य सुरजेवाला ने HKRN के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि फरवरी 2026 तक 14.63 लाख युवाओं के पंजीकरण के बावजूद केवल 1.13 लाख लोगों को तैनाती मिली। इनमें भी 97,051 कर्मचारी पहले से कार्यरत थे। उन्होंने कहा कि सरकार के 1.20 लाख रोजगार के दावे को नए रोजगार के रूप में पेश करना वास्तविकता को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि HKRN कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति पत्र के बजाय केवल ‘डिप्लॉयमेंट लेटर’ दिया जाता है। कर्मचारी वर्षों तक अनुबंध पर काम करते हैं और उनके ऊपर नौकरी जाने का खतरा बना रहता है। समान काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुरक्षा और सुविधाएं नहीं मिलतीं।
आदित्य सुरजेवाला ने सरकार से सवाल किया कि कर्मचारियों से वसूले जा रहे 1 प्रतिशत सर्विस चार्ज से 2022 से अब तक विभागवार कितनी राशि एकत्र की गई और उसका उपयोग कहां किया गया? उन्होंने मांग की कि सरकार इसका विभागवार श्वेत पत्र सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि नवंबर 2024 में Job Security of Service Bill पारित किया गया था और उसी समय उन्होंने इसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था कि पांच साल की सेवा की शर्त समाप्त की जाए।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया गया था। उसी तर्ज पर HKRN कर्मचारियों को भी नौकरी की सुरक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार नौकरी की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती रही, लेकिन मई 2026 तक एक भी HKRN कर्मचारी को Job Security का वास्तविक लाभ नहीं मिला। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब कानून बनाया गया था तो उसका लाभ कर्मचारियों तक क्यों नहीं पहुंचा?
खोदा पहाड़ और निकला सिर्फ एक पोर्टल, वो भी हैंग
आदित्य सुरजेवाला ने सरकार की ऑनलाइन प्रक्रिया पर तंज कसते हुए कहा कि पहले कर्मचारियों से अपने-अपने विभागों में दस्तावेज और कागजात प्रमाणित करवाने को कहा गया। बाद में सरकार ने पोर्टल बना दिया, लेकिन पोर्टल की स्थिति यह है कि कहीं सर्वर डाउन है, कहीं लॉगिन नहीं हो रहा और कहीं OTP नहीं आ रहा। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार पोर्टल बनाने में माहिर है, लेकिन युवाओं को नौकरी देने और कर्मचारियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम है। कहावत है—खोदा पहाड़, निकली चुहिया। लेकिन भाजपा सरकार ने तो खोदा पहाड़ और निकला सिर्फ एक पोर्टल—वो भी हैंग!” उन्होंने कहा कि HKRN कर्मचारियों को दिखावटी ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं, बल्कि सम्मानजनक वेतन, स्थायी रोजगार और वास्तविक नौकरी की सुरक्षा चाहिए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर स्थायी रोजगार व्यवस्था लागू की जाए। डिप्लॉयमेंट लेटर के स्थान पर स्थायी नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। स्वीकृत पदों पर नियमित भर्ती कर स्थायी पद सृजित किए जाएं। वर्ष 2022 से अब तक वसूले गए 1% सर्विस चार्ज का विभागवार श्वेत पत्र जारी किया जाए। लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए। पारदर्शी भर्ती कैलेंडर, मेरिट और वेटिंग सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए। EPF, ESI, ग्रेच्युटी, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा के लाभ सुनिश्चित किए जाएं। “समान काम-समान वेतन” का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। वेतन असमानता समाप्त कर मनमाने टर्मिनेशन पर रोक लगाई जाए।
प्रेस वार्ता के दौरान हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचकुला विधायक चन्द्र मोहन, पंचकुला जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय चौहान, पूर्व विधायक लहरी सिंह तथा हरियाणा किसान कांग्रेस विभाग के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।