शिमला : हिमाचल प्रदेश में इन दिनों चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से जारी है। प्रदेश में रविवार 17 मई को शहरी निकायों के चुनाव होने जा रहे हैं, वहीं राज्य में 26, 28 और 30 मई को पंचायती राज संस्थाओं के लिए मतदान होगा। चुनाव के चलते राज्य के स्कूलों में छात्रों की शिक्षा पर किसी प्रकार का विपरीत असर न पड़े, इसको लेकर शिक्षा विभाग ने स्कूलों को अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य में चुनाव के दौरान स्कूल बंद नहीं होंगे। इस दिन भी छात्रों की रेगुलर कक्षाएं लगाई जाएंगी। जिस स्कूल में मतदान केंद्र होगा, केवल वहां छुट्टी होगी। बाकी स्कूलों में डेपुटेशन पर टीचर भेजे जाएंगे, क्योंकि चुनाव डयूटी के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी होगी। कलस्टर हैड प्रिंसीपल को यह डेपुटेशन करनी होगी। गौर हो कि जिन पंचायतों में मतदान होगा, केवल उसी दिन संबंधित क्षेत्र में छूट्टी रहेगी।
बाकी स्कूल पहले की तरह ही संचालित किए जाएंगे। शिक्षा निदेशालय ने आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी उपनिदेशकों के माध्यम से चुनाव के दौरान सभी प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चुनाव अवधि के दौरान कोई भी स्कूल शिक्षक-विहीन या बंद न रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के अनुसार, 26, 28 और 30 मई को होने वाले पंचायती राज चुनावों के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। विभाग ने यह पाया है कि कई सिंगल टीचर स्कूलों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के कारण स्कूल पूरी तरह से खाली हो सकते हैं, जिससे छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों और उनकी सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे निपटने को शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को अपने स्तर पर अस्थायी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्कूलों के सभी शिक्षक ड्यूटी पर हैं, वहां संबंधित कॉम्प्लेक्स स्कूल के प्रिंसीपल नजदीकी स्कूलों से कम से कम एक शिक्षक की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि उपलब्ध शिक्षकों की संख्या बहुत कम है, तो संबंधित प्रिंसीपल को तुरंत ब्लॉक विकास अधिकारी या उप-मंडलाधिकारी कार्यालय को लिखित में इसकी सूचना देनी होगी।