कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र शहर को भारी यातायात के दबाव से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित बाईपास परियोजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 27.9 किलोमीटर लंबा बाईपास कुरुक्षेत्र-पिहोवा और कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग को जोड़ते हुए शहर के बाहर से निकलेगा। परियोजना पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बाईपास के निर्माण से शहर के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार बाईपास इंदबड़ी-ज्योतिसर से शुरू होकर अमीन, किरमच और मथाना के आसपास से होते हुए आगे निकलेगा। यह मार्ग शहर के बाहर से होकर बड़े मार्गों से जुड़ेगा। बाईपास बनने के बाद बाहर से कुरुक्षेत्र आने-जाने वाले भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता कम हो जाएगी।
धार्मिक आयोजनों के दौरान भी मिलेगा फायदा
कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर और गुरुद्वारा छठी पातशाही सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। धार्मिक एवं बड़े आयोजनों के दौरान शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। बाईपास बनने के बाद बाहरी यातायात को शहर से बाहर ही डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पिहोवा-कैथल रोड के आसपास से गुजरेगा बाईपास
प्रस्तावित बाईपास कुरुक्षेत्र-पिहोवा तथा कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर बसे क्षेत्रों के आसपास से निकलेगा। इसकी लंबाई 27.9 किलोमीटर निर्धारित की गई है। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
29 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक
बाईपास के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर प्रशासन की ओर से 29 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है। इनमें थानेसर तहसील के इंदबड़ी, ज्योतिसर, बारवा, कैथला खुर्द, किरमच, सुनहेड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंती, मिर्जापुर, समसपुर, फतुपुर, समानी, बोढ़ी, कडामी और सुनियारपुर सहित गांव शामिल हैं। वहीं पिहोवा तहसील के मुर्तजापुर, भोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजरा और खानपुर रोडान में भी जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है।
750 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान
पहले बाईपास की करीब 23 किलोमीटर लंबी योजना तैयार की गई थी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 750 करोड़ रुपये बताई गई थी। जमीन और अन्य कारणों से पुरानी योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद नए सिरे से सर्वे और तैयारियां की गईं तथा बाईपास की लंबाई बढ़ाकर 27.9 किलोमीटर की गई।
नायब सिंह सैनी भी उठा चुके हैं मांग
बाईपास को लेकर तत्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष मांग रख चुके हैं। अब परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। जमीन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
बाईपास के पूरा होने से कुरुक्षेत्र शहर में विशेषकर थर्ड गेट से पिपली तक मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने, जाम से राहत मिलने तथा शहर में आने-जाने वाले लोगों के लिए यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।